Bisaat Teen Bahanen Teen Aakhyan

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Bisaat Teen Bahanen Teen Aakhyan

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395.00 315.00

In stock

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Author: Mridula Garg

Availability: 10 in stock

Pages: 212

Year: 2016

Binding: Hardbound

ISBN: 9788126725779

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

बिसात : तीन बहनें तीन आख्यान

‘बिसात : तीन बहनें तीन आख्यान’ एक अनूठी कथा-कृति है। कथा-साहित्य में विख्यात मंजुल भगत, मृदुला गर्ग और अचला बंसल तीनों सगी बहनें हैं। मंजुल भगत अब हमारे बीच नहीं हैं। मृदुला गर्ग व् अचला बंसल निरंतर सक्रीय हैं। तीनों के लेखन की पृथक पहचान होने के बावजूद कुछ सूत्र ऐसे हैं जिनपर साझा अनुभवों के विविध रंग दिख जाते हैं। मृदुला गर्ग के शब्दों में, ‘तीनों के काफी अनुभव साझा रहे। जिंदगी में कितने ऐसे किरदार थे, जिनसे तीनों का सामना पड़ा। कितने ऐसे हालात थे, जिनका तीनो ने नजारा किया। साझा अनुभवों , किरदारों और अहसास ने हमारे भावबोध को गढ़ा और अन्य अनुभवों की तरह, वे भी कभी-न-कभी, किसी-न-किसी रूप में हमारी रचना के आधार बने। रचना जब-जब हुई, निजी अहसास से गढ़ी, मौलिक थी।

हर लेखक का नजरिया अपना अलग था। फिर भी साझा अहसास और अनुभव की गूंज, उसमें साफ़ ध्वनित होती थी। कह सकते हैं, हमने एक ही विषय पर आधारित रचना की पर रचना के दौरान, रचनात्मकता के दबाव में, रचना ने अपना विषय, कुछ हद तक बदल लिया। इन तीनो बहनों के बीच नाना की उपस्थिति एक ऐसा ही बहुअर्थपूर्ण अनुभव था। इस अनुभव से तीन रचनाओं ने आकार लिया।

मृदुला गर्ग ने ‘वंशज’ उपन्यास रचा। मंजुल भगत ने ‘बेगाने घर में’ और अचला बंसल ने ‘कैरम की गोटियाँ’ कहानियाँ लिखीं। तीनों रचनाओं में अलग-अलग तरह से महसूस किया गया यथार्थ रचानाकारों की निजता के साथ व्यक्त हुआ। ‘बिसात : तीन बहनें तीन आख्यान’ में वंशज, बेगाने घर में और कैरम की गोटियाँ एक साथ उपस्थित हैं। तीनों को एक साथ पढ़ना वस्तुतः प्रीतिकर और विचारोत्तेजक हैं। जैसे एक ही जीवन-सत्य के तीन आयाम।

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Authors

Binding

Hardbound

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Pages

Publishing Year

2016

Pulisher

Language

Hindi

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