Gorakhnath : Jeevan Aur Darshan

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Gorakhnath : Jeevan Aur Darshan

Gorakhnath : Jeevan Aur Darshan

225.00 190.00

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225.00 190.00

Author: Kanhaiya Singh

Availability: 3 in stock

Pages: 214

Year: 2020

Binding: Paperback

ISBN: 9789389742763

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

गोरखनाथ जीवन और दर्शन

महायोगी गोरखनाथ नौवीं-दसवीं शताब्दी में अवतरित हुए। उन्होंने पतंजलि के योगसूत्रों के आधार पर अपने योग-साधना का प्रतिपादन किया तथा स्वयं उसकी साधना से सिद्धि प्राप्त की थी। बुद्ध के बाद गोरखनाथ ही भारत में सच्चे लोकनायक हुए। उनका प्रभाव राजमहल से झोपड़ियों तक पड़ा था। अछूत और अन्त्यज के लिये उन्होंने अपने पंथ का द्वार खोल दिया था। कई महत्त्वपूर्ण योगी ऐसी ही जातियों से निकले और बहुत से अन्य धर्मावलम्बी भी योगमार्ग पर अग्रसर हुए। इस प्रकार उन्होंने जाति, पन्थ और सम्प्रदाय की रूढ़ियों को तोड़कर सामाजिक समरसता का मार्ग प्रशस्त किया। साथ ही ब्रह्मचर्य, वैराग्य और साधना द्वारा योगमार्ग को प्रशस्त किया। उनका प्रभाव, उनके समय से लेकर सोलहवीं शताब्दी तक के समाज और साहित्य पर सम्पूर्ण भारत में पड़ा। उनके क्रियात्मक योग की प्रक्रिया और शब्दावली आदि का सभी भाषाओं के सन्त कवियों और सूफ़ी कवियों ने प्रयोग किया है।

गोरखनाथ के योग का जादू आज सारे विश्व को स्वीकर हो रहा है। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह योग आज के विश्व-मानव समाज के लिये महायोगी गोरखनाथ की अमूल्य देन है।

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Paperback

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Language

Hindi

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Publishing Year

2020

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