Jaati Ka Chakravyuh Aur Arakshan

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Jaati Ka Chakravyuh Aur Arakshan

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450.00 330.00

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450.00 330.00

Author: Satyendra Pratap Singh

Availability: 5 in stock

Pages: 240

Year: 2023

Binding: Paperback

ISBN: 9789393267429

Language: Hindi

Publisher: Rajpal and Sons

Description

जाति का चक्रव्यूह और आरक्षण

आज़ादी की लड़ाई के दौरान ही यह मुद्दा बार-बार उठा कि आज़ाद भारत में अछूत कही जाने वाली जातियों की स्थिति क्या होगी ? फुले-पेरियार-अंबेडकर के आंदोलनों ने जाति प्रश्न को प्रमुखता से उभारा तो गांधी का छुआछूत विरोधी आंदोलन इसका ही एक और आयाम था।

आज़ादी के बाद संविधान बना तो दलितों-आदिवासियों के समुचित प्रतिनिधित्व के लिए नौकरियों और संसद में आरक्षण की जो व्यवस्था की गई वह शुरू से ही वर्चस्वशाली जातियों के प्रतिनिधियों की आँखों की किरकिरी बनी रही। फिर नब्बे के दशक में पिछड़ी जातियों के आरक्षण के लिए मंडल आयोग की अनुशंसाओं के ख़िलाफ़ तो हिंसक आंदोलन भी हुए। अभी हाल में 2022 जब मै आरक्षण लागू हुआ तो इसे आरक्षण की मूल भावना के ख़िलाफ़ बताया गया।

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Paperback

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Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2023

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