- Description
- Additional information
- Reviews (1)
Description
काकासाहेब कालेलकर पत्रावली
काकासाहेब कालेलकर (1885-1981) : मूल नाम आचार्य दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर। संस्कृति चिंतक, शिक्षा शास्त्री, तत्त्वेता, साहित्यकार एवं महात्मा गाँधी के प्रिय शिष्य। बहुभाषाविद् काका साहेब ने हिंदी, मराठी, गुजराती में विपुल साहित्य की रचना की, जिसमें साहित्य आस्वाद, धर्म-संस्कृति, शिक्षण-मीमांसा, समाज-शास्त्र, यात्रा साहित्य, चिंतन एवं पत्र साहित्य आदि समाहित हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी, ‘वसुधैव कुटम्बकम्’ के उपासक, विश्वकवि के सौंदर्य और राष्ट्रपिता के सत्य को साधने वाले काका साहब ऋषिकुल, शांतिनिकेतन, साबरमती आश्रम, गुजरात विद्यापीठ, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदुस्तानी प्रचार सभा और विश्व समन्वय संघ जैसी कुछ प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं से संबंद्ध रहे। ‘राष्ट्रमत’ (मरांठी दैनिक), ‘नवजीवन’ (गुजराती) एवं ‘यंग इंडिया’ (अंग्रेजी) का संपादन कार्य भी किया।
12 वर्ष तक राज्यसभा के सदस्य मनोनीत होने के बाद भारत सरकार द्वारा ‘पद्मविभूषण’ से अलंकृत। अनेक विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि। गुजराती निबंध-संग्रह ‘जीवन व्यवस्था’ के लिए 1965 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार। साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता के अतिरिक्त राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा द्वारा : महात्मा गाँधी पारितोषिक, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग द्वारा साहित्य वाचस्पति एवं उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा विशिष्ट हिंदी साहित्य पुरस्कार प्रदान किए गए।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2022 |
| Pulisher |











Akshitha kananie –
Goods l like it.