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Description
सागोयाना
‘सागोयाना’ एक ऐसी ही कहानी है, जिसमें महाश्वेता देवी ने आदिवासियों की व्यथा को भली-भाँति उजागर करने का सराहनीय प्रयास किया है। यह झारखण्ड के आदिवासियों की कहानी है, जिसमें महाश्वेता ने बताया है कि प्रशासन आदिवासियों के प्रिय शाल को बिना सोचे-समझे काटकर सागौन-रोपण के काम को अंजाम देता है, जिसके विरोध में ‘सागवानी आन्दोलन’ आरम्भ हो जाता है। उपन्यास के शीर्षक ‘सागोयाना’ से भी इसकी पुष्टि होती है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2017 |
| Pulisher |











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