Uske Hisse Ki Dhoop

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Uske Hisse Ki Dhoop

Uske Hisse Ki Dhoop

350.00 295.00

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350.00 295.00

Author: Mridula Garg

Availability: 10 in stock

Pages: 136

Year: 2019

Binding: Hardbound

ISBN: 9789388933476

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

उसके हिस्से की धूप
परम्परागत भारतीय समाज में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के बीच मानवीय स्वतंत्रता, खास कर नारी-स्वातंत्र्य का सवाल सदा ही अनदेखा किया जाता रहा है, और मृदुला गर्ग का यह उपन्यास परम्परागत ही नहीं, बल्कि आधुनिकता के घिसे-पिटे वैचारिक चौखटे से भी बाहर निकलकर यह सवाल उठाता है कि स्त्री-पुरुष सम्बन्धों का आधार क्या है — प्रेम अथवा स्वतंत्रता ? और क्या इन सम्बन्धों का सत्य सिर्फ मनोगत है अथवा इनके समानान्तर कोई दैहिक सच्चाई भी है ? साधारणतः देखा जाए तो मृदुला गर्ग का यह बहुचर्चित उपन्यास एक त्रिकोणात्मक प्रेम-कथा है, लेकिन प्रेम इसकी समस्या नहीं है — समस्या है स्वतंत्रता, जो स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान रूप से मूल्यवान है।

प्रेम अगर व्यक्ति की स्वतंत्रता और उसके वैयक्तिक विकास को बाधित करता है तो वह अस्वस्थ है। लेखिका ने इस विचार को उस गहराई से चित्रित किया है जहाँ उसकी रागात्मकता पाठ को मुग्ध कर लेती है और प्रत्येक स्थिति पाठकीय संवेदना का अटूट हिस्सा बन जाती है।

Additional information

Weight 0.5 kg
Dimensions 21 × 14 × 4 cm
Authors

Binding

Hardbound

ISBN

9789388933476

Pages

136

Publishing Year

2019

Pulisher

Language

Hindi

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