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Dada Aur Pota

Dada Aur Pota
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₹100.00 ₹90.00
Author: Dinkar Kumar
Availability: 5 in stock
Pages: 147
Year: 2021
Binding: Paperback
ISBN: 9788126020430
Language: Hindi
Publisher: Sahitya Academy
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Description
दादा और पोता
The capability of reading and other personal skills get improves on reading this book Dada Aur Pota by Dinkar Kumar. This book is available in Hindi with high quality printing. Books from Collection of Children Book Category surely gives you the best reading experience.
विषय प्रवेश
- पहला किस्सा : पतरस चिड़िया और ब्राह्मण
- दूसरा किस्सा : एक हाथी और उल्लू
- तीसरा किस्सा : महाचोर
- चौथा किस्सा : बूढ़ा-बूढ़ी ने बैर का बीज बोया
- पाँचवाँ किस्सा : राक्षस पंडित
- छठा किस्सा : तीन युवा पंडित
- सातवाँ किस्सा : देवांगभूषण वस्त्र
- आठवाँ किस्सा : कन और मन
- नौवाँ किस्सा : बत्तीस लक्षणवाले वर-कन्या
- दसवाँ किस्सा : ब्राह्मण और ब्राह्मणी
- ग्यारहवाँ किस्सा : बुद्धू राजा के मूर्ख मंत्री
- बारहवाँ किस्सा : ब्राह्मण का भाग्य
- तेरहवाँ किस्सा : भूत और झाड़
- चौदहवाँ किस्सा : मनहूस पुरुष और मनहूस स्त्री
- पंद्रहवाँ किस्सा : एक संन्यासी का किस्सा
- सोलहवाँ किस्सा : एक बूढ़ा और पाँच बेटे
- सत्रहवाँ किस्सा : राक्षस पंडित
- अठारहवाँ किस्सा : राजमंत्री और नाई
- उन्नीसवाँ किस्सा : अन्धा और कुबड़ा
- बीसवाँ किस्सा : बातूनी बूढ़ा
- इक्कीसवाँ किस्सा : मूक कन्या
- बाईसवाँ किस्सा : नोमल और सोनपाही
- तेईसवाँ किस्सा : पेटू
- चौबीसवाँ किस्सा : गीदड़-पागल
- पच्चीसवाँ किस्सा : राजा का लड़का और गीदड़
- छब्बीसवाँ किस्सा : सोन-वरिष राजा
- सत्ताईसवाँ किस्सा : गुठली कुमार
- अट्टाईसवाँ किस्सा : छह दोस्त और एक राक्षसी
- उनतीसवाँ किस्सा : दो राजपुत्र
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2021 |
| Pulisher |









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