Barah Aana

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Barah Aana

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Author: Anoop Upadhyay

Availability: 5 in stock

Pages: 232

Year: 2024

Binding: Paperback

ISBN: 9789355368652

Language: Hindi

Publisher: Bodhi Prakashan

Description

बारह आना

इस कृति में उस खोए हुए संसार का पता दर्ज है, जो नई पीढ़ी के निजी और प्रत्यक्ष अनुभव का हिस्सा नहीं है। यह उस दौर की कहानी है, जब मूल्य बदलने शुरू हो रहे थे। पुरातन प्रश्न छूट रहे थे और नए प्रश्न नई अर्थवत्ता के साथ खड़े हो रहे थे। जब समष्टिवादी स्वप्न में व्यक्तिवादी मूल्यों ने सेंध लगाना शुरू कर दिया था। जब संबंधों की सुगंध और उस सुगंध का जादू जीवन की आंखों से उतरने लगा था, लेकिन मौजूदा दौर की तरह बेतरह खोखला नहीं हुआ था। वैसे देखा जाए, तो मूल-राग और विराग बदलते भी कहां हैं! प्रेम अब भी प्रेम है और घृणा अब भी घृणा है, भले उनको जीने की प्रणालियां बदल गई हैं। भले उनके जीवन में शामिल होने की लय और मात्रा बदल गई है।

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Paperback

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Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2024

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