-14%
Paramparik Bhartiya Rangmanch : Anant Dharayein
₹345.00 ₹295.00



₹345.00 ₹295.00
₹345.00 ₹295.00
Author: Kapila Vatsyayan
Pages: 200
Year: 2023
Binding: Paperback
ISBN: 9788123714325
Language: Hindi
Publisher: National Book Trust
पारंपरिक भारतीय रंगमंच : अनंत धाराएँ
यह पुस्तक भारतीय नाट्य कलाओं के कुछ रूपों का पथदर्शी अध्ययन है, जो परंपरागत संदर्भ में न ‘लोक’ और न ही शास्त्रीय आन-बान के हैं, बल्कि दोनों के मिश्रित तत्वों की अभिव्यक्ति हैं। चरित्र और अभिव्यक्ति में व्यापक रूप से विभिन्न अथवा भिन्न होते हुए भी ये आंगिक सशक्तता और विश्वदर्शिता दर्शाते हैं, जो परंपरा और विशिष्टता में भारतीय हैं। अनुभव का यही पुंज आधुनिक उपलब्धि में एक विशिष्ट कड़ी जोड़ता है।
पुस्तक की विषयवस्तु यक्षगान, भागवतमेला, छऊ, नौटंकी, रामलीला सहित अन्य कई रूपों की जानकारी एवं मूल्यांकन प्रस्तुत करती है, जो संपूर्ण भारत, केरल से उत्तर प्रदेश और गुजरात से असम तक विद्यमान है। लेखिका ने इस जानकारी को प्रस्तुत करने के लिए न केवल पुरातत्व, पुस्तकें व रूढ़े परंपराओं का सहयोग लिया है, वरन् उन्होंने जो भी लिखा है, बह एक कलाकार के ज्ञान तथा अनुभव का परिणाम है।
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |
कपिला वात्स्यायन
डॉ. कपिला वात्स्यायन भारतीय शास्त्र और प्रयोग, दोनों की, समान रूप से अधिकारी हैं। उन्होंने भारतीय नृत्य की अनेक शैलियों की शिक्षा प्रमुख गुरुओं से प्राप्त की है। पिछले चार दशकों में उनके शोध और लेखनी के फलस्वरूप भारतीय कलाओं के अध्ययन को एक नयी दृष्टि और दिशा मिली है। उनके बहुचर्चित प्रकाशन हैं…. इंडियन क्लासिकल डांस, क्लासिकल इंडियन डांस इन लिटरेचर एंड दः आद्स, ट्रेडिशंक ऑफ इंडियन फोक डांस, डांस इन इंडियन पेंटिंग्स, द स्कवायर एंड सकल ऑफ द इंडियन आर्ट्स। लेखिका पद्मश्री और शंकरदेव पुरस्कार से सम्मानित हैं तथा संगीत नाटक अकादमी व ललित कला अकादमी की फेलो हैं।

Reviews
There are no reviews yet.