Itihas Aur Vichardhara

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Itihas Aur Vichardhara

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299.00 225.00

Author: Irfan Habib

Availability: 5 in stock

Pages: 232

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789355185907

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

इतिहास और विचारधारा

वस्तुतः साहित्यकार की भाँति इतिहासकार की लेखन प्रक्रिया भी जितनी सामाजिक और सांस्कृतिक होती है, उतनी ही वैयक्तिक भी। इतिहासकार की व्यक्तिगत प्रतिभा, विवेक, आकांक्षा, उद्देश्य, साधना और संघर्ष उसके लेखन को बहुत गहरे स्तर पर प्रभावित करते हैं। इसीलिए प्रायः यह देखा गया है कि एक ही विचारधारा को मानने वाले इतिहासकार भी विभिन्न मुद्दों पर भिन्न-भिन्न राय रखते हैं। इन लेखों में इरफ़ान हबीब ने मार्क्सवादी इतिहास-दृष्टि को अधिकाधिक परिमार्जित और वस्तुनिष्ठ बनाने पर बल दिया है। उन्होंने मार्क्सवाद विरोधी विभिन्न विचारधाराओं की सूक्ष्म ढंग से शिनाख़त करते हुए उनके जनविरोधी चरित्र को उजागर किया है और इतिहास लेखन को हर प्रकार के संकीर्णतावाद की गुंजलक से निकालकर उसे वैज्ञानिक और मानवतावादी आधार प्रदान करने की कोशिश की है। प्रस्तुत संग्रह में उनके ग्यारह लेख संकलित हैं। सरसरी तौर पर देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि इन लेखों में विषयगत एकता और एकरूपता चाहे न हो, किन्तु अपनी मार्क्सवादी इतिहास-दृष्टि के कारण उनमें एकसूत्रता अवश्य दिखाई पड़ेगी। उनके ये लेख लम्बे अन्तराल के बीच लिखे गये हैं। इनमें मार्क्सवादी इतिहास-लेखन की परम्परा की गहरी छानबीन से लेकर भारतीय राष्ट्र के निर्माण की प्रक्रिया, उपनिवेशवाद, राष्ट्रीय आन्दोलन और राष्ट्रीय आन्दोलन में वामन्थ की भूमिका आदि का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। उन्होंने अन्धराष्ट्रवाद और अविवेकवाद की भी जमकर आलोचना की है।

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Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

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