Rashtriya Asmita Aur Purvottar Ka Sahitya

-25%

Rashtriya Asmita Aur Purvottar Ka Sahitya

Rashtriya Asmita Aur Purvottar Ka Sahitya

695.00 520.00

In stock

695.00 520.00

Author: Harish Kumar Sharma

Availability: 5 in stock

Pages: 152

Year: 2026

Binding: Hardbound

ISBN: 9789377475666

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

राष्ट्रीय अस्मिता और पूर्वोत्तर का साहित्य

साहित्य समाज को बहुत दूर तक प्रभावित करने की क्षमता रखता है, बशर्ते उसमें वह सामर्थ्य हो। वह जन-मन की इतनी निकटता पा सके, समाज से इतना अपनापा बना सके, समाज से इतना अपनापन प्राप्त कर सके कि समाज उस पर विश्वास करे, उसे अपने जीवन में ढाल ले, अपना जीवन-दर्शन बना ले।

देश-व्यापी प्रसार के लिए किसी साहित्य का देश-व्यापी भाषा में आना आवश्यक होता है, भले ही मूलतः वह किसी भी भाषा में लिखा-रचा गया हो। वर्तमान में हिन्दी ही भारत की वह देश-व्यापी भाषा है जो पूरे देश को साहित्य के माध्यम से सांस्कृतिक एवं भावनात्मक धरातल पर जोड़ सकती है। यह कार्य वह यथाशक्य कर भी रही है। पूर्वोत्तर का साहित्य और लोक-साहित्य भी धीरे-धीरे करके हिन्दी में आ रहा है। आज इस क्षेत्र में हिन्दी में मौलिक लेखन भी हो रहा है और यहाँ का नया-पुराना साहित्य अनूदित रूप में भी हमारे सामने आ रहा है। उसका नोटिस बाहर भी लिया जा रहा है और उस पर हिन्दी में शोध-समीक्षात्मक तथा तुलनात्मक लेखन-अध्ययन पूर्वोत्तर में भी चल रहा है। हमारी राष्ट्रीय अस्मिता को रेखांकित कराने का यह एक प्रभावी उपक्रम है। परन्तु यह प्रयास अभी नाकाफी है। इस कार्य को गति देने की आवश्यकता है। ‘राष्ट्रीय अस्मिता और पूर्वोत्तर का साहित्य’ पुस्तक का लेखन इसी दिशा में एक छोटा-सा प्रयास है।

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Rashtriya Asmita Aur Purvottar Ka Sahitya”

You've just added this product to the cart: