

Bhartiya Krantikari Aandolan Ka Itihas

Bhartiya Krantikari Aandolan Ka Itihas
₹995.00 ₹895.00
₹995.00 ₹895.00
Author: Manmathnath Gupta
Pages: 452
Year: 2019
Binding: Hardbound
ISBN: 9788170430544
Language: Hindi
Publisher: Atmaram and Sons
- Description
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Description
भारतीय क्रान्तिकारी आन्दोलन का इतिहास
1939 में इस पुस्तक का पहला संस्करण प्रकाशित हुआ। उस समय एक तरफ स्वतंत्रता-संग्राम और दूसरी तरफ सरकारी दमन-चक्र तेजी पर था और पुस्तक को फौरन जब्त कर लिया गया। जब्त होने पर भी पुस्तक का बहुत प्रचार हुआ और एक-एक प्रति को सैकड़ों व्यक्तियों ने पढ़ा।
तत्पश्चात उसी पुस्तक का सातवाँ परिवर्द्धित और संशोधित संस्करण प्रकाशित हुआ जोकि आज तक चल रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार क्रान्तिकारी आंदोलन का इतिहास जानने के लिए चलता रहेगा क्योंकि मन्मथनाथ गुप्ता स्वयं एक सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी रहे हैं। उन्होंने स्वयं क्रान्तिकारी आंदोलन में सक्रिय भाग ही नहीं लिया, उनका सभी क्रान्तिकारियों से निकट सम्पर्क भी रहा है। अतः उनसे बढ़कर इस विषय का अधिकारी लेखक और कौन हो सकता है ? और यही हमारे लिए गौरव का विषय है कि हम अनेक दुर्लभ चित्रों-सहित क्रांतिकारी आंदोलन पर एक मात्र प्रामाणिक ग्रंथ प्रकाशित करते आ रहे हैं।
प्रकाशकीय
‘अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा’, ‘यश की धरोहर’ ‘गदर पार्टी का इतिहास’, ‘बन्दी जीवन’ और ‘गणेशशंकर विद्यार्थी’-शहीद ग्रन्थ माला के ये पाँच पुष्प हम पाठकों को भेंट कर चुके हैं। पाठकों और पत्र-पत्रिकाओं ने जिस उत्साह और सहृदयता के साथ इनका स्वागत किया उससे स्पष्ट है कि सर्वसाधारण अपने देश के शहीदों के सम्बन्ध में जानने-पढ़ने को उत्सुक हैं। अब शहीद ग्रन्थ माला के छठे पुष्प “भारतीय क्रान्तिकारी आन्दोलन का इतिहास” का नया संस्करण हम गौरव के साथ पाठकों को भेंट कर रहे हैं।
यह पुस्तक आज से बीस साल पहले प्रकाशित हुई थी और छपते ही सरकार द्वारा जब्त कर ली गई थी। उसी पुस्तक का अब यह नवीन परिवर्द्धित और परिशोधित छठा संस्करण है। श्री मन्मथनाथ गुप्त एक सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी रहे हैं। उन्होंने स्वयं क्रान्तिकारी आन्दोलन में सक्रिय भाग ही नहीं लिया, उनका सभी क्रान्तिकारियों से निकट सम्पर्क भी रहा है। अतः उनसे बढ़कर इस विषय का अधिकारी लेखक और कौन हो सकता है ? और यही हमारे लिए गौरव का विषय है कि हम क्रान्तिकारी आन्दोलन का एकमात्र प्रामाणिक इतिहास प्रकाशित कर रहे हैं।
इस ग्रंथ माला के अवैतनिक सम्पादक श्री बनारसीदास चतुर्वेदी के प्रतिधन्यवाद प्रकट करना भी हम अपना परम कर्तव्य समझते हैं क्योंकि उन्होंने ही इस माला के प्रकाशन की योजना हमारे सम्मुख रखी। सामग्री संकलन और सम्पादन में भी उनका पूर्ण सहयोग हमें मिलता रहता है।
हमारा विश्वास है कि इस माला की पुस्तकें घर-घर पढ़ी जाएँगी; प्रत्येक संस्था, विद्यालय और पुस्तकालय अपने यहाँ कम-से-कम एक-एक प्रति अवश्य रखेगा। चीन और पाकिस्तान के आक्रमण के बाद इन पुस्तकों का महत्त्व स्वयं बढ़ गया है क्योंकि अब हमारे होनहारों को हिंसा-अहिंसा के कुतर्क में पड़कर नहीं भटकना है। हमें हर हमलावर को मुँहतोड़ और जबड़ातोड़ उत्तर देना है।
अनुक्रम
- क्रान्तिकारी आन्दोलन का सूत्रपात
- बंगाल में क्रान्ति-यज्ञ का प्रारम्भ
- दिल्ली और पंजाब में क्रान्तिकारी लहरें और ग़दर पार्टी
- दिल्ली षड्यन्त्र के बाद
- उत्तर प्रदेश में क्रान्तिकारी आन्दोलन
- मैनपुरी षड्यन्त्र
- लड़ाई के समय विदेश में भारत के क्रान्तिकारी
- बिहार-उड़ीसा में क्रान्तिकारी हलचल
- बर्मा और सिंगापुर में क्रान्तिकारी लहरें
- मद्रास में क्रान्तिकारी आन्दोलन
- मध्य प्रान्त का क्रान्तिकारी आन्दोलन
- मुसलमान क्रान्तिकारी दल
- क्रान्तिकारी समितियों का संगठन तथा नीति
- प्राक्-असहयोग युग का परिशिष्ट
- असहयोग का युग
- असहयोगोत्तर क्रान्तिकारी आन्दोलन
- काकोरी-षड्यन्त्र
- काकोरी के समसामयिक षड्यन्त्र
- लाहौर-षड्यन्त्र और सरदार भगतसिंह
- जेलों में साम्राज्यवाद के विरुद्ध युद्ध
- प्रथम लाहौर षड्यन्त्र के बाद
- चटगाँव शस्त्रागार-काण्ड तथा उसके बाद की घटनाएँ
- बंगाल में आतंकवाद का उग्र रूप
- अन्य प्रन्तों में क्या हो रहा था
- बंगाल की कुछ क्रान्तिकारिणियाँ
- धारा का अन्त
- द्वितीय महायुद्ध और भारत
- क्रान्ति का जन्म
- बम्बई ने क्रान्ति का बिगुल फूँका
- संयुक्त प्रान्त (उत्तर-प्रदेश) में क्रान्ति
- उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों का इतिहास
- आसम क्रान्ति की गिरफ्त में
- बंगाल में अगस्त क्रान्ति
- उड़ीसा में आन्दोलन
- बिहार में क्रान्ति
- मध्यप्रान्त का आन्दोलन
- दिल्ली में कुछ आन्दोलन
- पंजाब और सीमाप्रान्त का आन्दोलन
- गुजरात, सिन्ध, काठियावाड़
- महाराष्ट्र और कर्नाटक
- आंध्र, केरल, तामिलनाडु : दक्षिण की रियासतें
- फुटकर स्थानों का आन्दोलन
- 1942 और कम्युनिस्ट पार्टी
- अगस्त क्रान्ति में स्त्रियों का बलिदान
- जेलों में अगस्त-बन्दियों पर अत्याचार
- 1942 की क्रान्ति पर एक रोशनी
- आज़ाद हिन्द फ़ौज
- नवम्बर प्रदर्शन, फरवरी प्रदर्शन, नौ-सैनिक विद्रोह
- उपसंहार
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |









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