Doob

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Author: Virendra Jain

Availability: 5 in stock

Pages: 304

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789350727737

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

डूब

मध्य प्रदेश साहित्य परिषद (प्रदेश की साहित्य अकादमी) विकास प्रक्रिया के तले दबे ग्रामीण जन की त्रासदी के सूक्ष्म और संवेदनशील विश्लेषण, व्यापक दृष्टि, स्वानुभवमूलक यथार्थ की सशक्त सर्जना, भाषिक सहजता और रचनात्मक श्रेष्ठता की दृष्टि से डूब उपन्यास के लिए श्री वीरेन्द्र जैन को ‘अखिल भारतीय वीरसिंह देव पुरस्कार’ से अलंकृत करता है।

‘गोदान’ और ‘मैला आँचल’ के बाद के भारतीय ग्रामीणजन के शासन और समाज द्वारा किये गये सुनियोजित दमन, शोषण और उपेक्षा का मर्मस्पर्शी दस्तावेज़ है डूब, जिसे वाणी प्रकाशन द्वारा संस्थापित और संचालित ‘प्रेमचन्द महेश सम्मान’ (89-90) में प्रतियोगी बनी पाण्डुलिपियों में सर्वश्रेष्ठ निर्णीत किया-सर्वश्री राजेन्द्र यादव, डॉ. निर्मला जैन और डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी ने।

विकास योजनाओं के नाम पर विनाश को अभिशप्त पीढ़ियों की यह कथा बुन्देलखण्ड अंचल पर केन्द्रित होते हुए भी पूरे भारत राष्ट्र-राज के ‘सच’ और वर्तमान को उजागर कर जाती है। ग्रामीण जीवन का इतना सहज, जीवन्त और मार्मिक चित्रण हिन्दी कथा साहित्य में अद्वितीय है। शैली और भाषा की दृष्टि से यह एक बेजोड़ कृति है।

राजनीति, प्रशासन, अर्थतन्त्र और धर्म-व्यवस्था सभी मिलकर किस तरह गाँव का जीवन-रस सोख रहे हैं, इसकी कहानी है डूब। यहाँ एक गाँव के वर्तमान के बहाने आज़ादी के बाद का समूचा ग्रामीण भारत अपनी विपन्नता के साथ खड़ा है।

(पूर्व संस्करणों पर मिली प्रतिक्रियाओं-प्रशस्तियों से)

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Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

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