

Fakir Mohan Senapati Ki Kahaniyan

Fakir Mohan Senapati Ki Kahaniyan
₹215.00 ₹210.00
₹215.00 ₹210.00
Author: Arun Hota
Pages: 220
Year: 2020
Binding: Paperback
ISBN: 9789389778250
Language: Hindi
Publisher: Sahitya Academy
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Description
फकीरमोहन सेनापति की कहानियाँ
कथाकार फकीरमोहन सेनापति
फकीरमोहन सेनापति (1843-1918) ओड़िया कथा साहित्य के जनक हैं। उन्होंने कविता, आत्मकथा, कहानी, उपन्यास, अनुवाद आदि विधाओं में लेखन कार्य किया है और इस क्षेत्र में उन्होंने अपूर्व सफलता हासिल की है। लेकिन कहानी और उपन्यास के क्षेत्र में उन्होंने युग प्रवर्तन किया है। इस अर्थ में फकीरमोहन युगपुरुष हैं। अपनी असाधारण कथा-प्रतिभा के चलते फकीरमोहन कालजयी कथाकार के रूप में ख्यात हैं।
कहा जाता है कि बोधदायिनी पत्रिका में फकीरमोहन की ‘लछमनिया’ शीर्षक कहानी सन् 1868 में प्रकाशित हुई थी। यह कहानी अप्राप्य है। लेकिन इसका विकसित रूप ‘छह बीघा ज़मीन’ (छ’ माण आठ गुंठ) है। यह उपन्यास 1897 में प्रकाशित हुआ यदि ‘लछमनिया’ को फकीरमोहन की पहली कहानी मानी जाए तो यह न केवल ओड़िया की बल्कि संपूर्ण भारतीय कहानी जगत् की प्रथम कहानी होने का गौरव प्राप्त कर सकती थी।
ध्यान दिया जाना चाहिए कि बाल्यावस्था में घोर उपेक्षा, अभाव तथा कष्ट सहन करने के पश्चात् वे एक मज़दूर, शिक्षक, प्रशासक आदि के रूप में दीर्घ जीवनानुभव हासिल करते हैं। परिपक्व आयु में उनका कथा-संसार निर्मित होता है। फलस्वरूप आमजन तथा जनजीवन के यथार्थ को उकेरने में उन्हें अभूतपूर्व सफलता मिली है। भाषा एवं जाति के कारीगर के रूप में फकीरमोहन अद्वितीय हैं। भाषा आंदोलन के चिरस्मरणीय व्यक्तित्व भी हैं। राधानाथ, गंगाधर मेहेर, मधुसूदन आदि के साथ भाषा एवं जाति की अस्मिता को बचाए रखने का अनथक प्रयास फकीरमोहन ने भी किया है। आम आदमी की जुबाँ में आम आदमी तक पहुँचने का सार्थक प्रयत्न फकीरमोहन के रचना-संसार में स्पष्टतया परिलक्षित होता है।
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| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |









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