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Author Biography
मृत्युंजय
मृत्युंजय भारतीय पुलिस सेवा में वरिष्ठ अधिकारी और काव्य-संवेदना से सम्पन्न रचनाकार हैं। इस कृति में उन्होंने यक्ष के ऊपर गुजरी वियोग की अनन्त पीड़ा को समकालीन दृष्टि से देखा है और कालिदास के मेघदूत में वर्णित उत्तर-भारत के भौगोलिक-सामाजिक जीवन का सुखद चित्रण चौथी-पाँचवीं सदी में लिखित मूल संस्कृत पाठ के माध्यम से किया है।
साहित्य, संगीत और इतिहास में गहरी रुचि रखनेवाले मृत्युंजय छह भाषाओं के ज्ञाता, जिनमें भोजपुरी, हिन्दी, अंग्रेज़ी, नेपाली, बांग्ला और भाषा-इंडोनेशिया शामिल है। मानव-जीवन के विविध अनुभवों से सम्पन्न मृत्युंजय को विदेशी कार्यकलाप के चलते अनेक संस्कृतियों को भी नज़दीक से जानने का मौक़ा मिला है। साहित्य और इतिहास का व्यापक अध्ययन भी आपने किया है।











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