Hindi Mein Hum

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Hindi Mein Hum

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Author: Abhay Kumar Dubey

Availability: 5 in stock

Pages: 412

Year: 2015

Binding: Paperback

ISBN: 9789350728673

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

हिन्दी में हम

यह किताब हिन्दी भाषा के अस्तित्व और उसकी राजनीतिक व सांस्कृतिक चेतना को परखते हुए हमें यकायक एक बहस में ले जाती है जो समाज के लगातार बदलते स्वरूप की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करती है। समाज बदला क्योंकि उसकी भाषा ने भी परिवर्तन को अपनाया। भाषा के विस्तार ने एक नया प्रश्न यह खड़ा किया की इसे राजभाषा और सम्पर्क भाषा का रुतबा कब और कैसे मिला यह एक ग़ौर करने वाली बात है। हमारे देश में हिन्दी भाषा के कई उतार-चढ़ाव रहे जो भारतीय आधुनिकता की पेचीदा राजनीति में दिखाई देता है।
गाँधी ने भारतीयता के परिप्रेक्ष्य में हिन्दी भाषा को जिस तरह से परिभाषित किया है उसका अर्थ यह था कि यह एक सम्पर्क भाषा है जो सम्पूर्ण भारतीय मानस को एक सूत्र में पिरोती है। गाँधी की वही हिन्दी आज एक अलग मुक़ाम पर पहुँच चुकी है जैसे वह जता रही हो कि वह संस्कृत की बेटी, या उर्दू की दुश्मन, या अंग्रेज़ी की चेरी नहीं है। अगर वह किसी की बेटी है तो भारतीय आधुनिकता की बेटी है।

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Paperback

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Language

Hindi

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Publishing Year

2015

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