Hindi Sahitya Ka Itihas Bodhgamya Path

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Hindi Sahitya Ka Itihas Bodhgamya Path

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200.00 180.00

In stock

200.00 180.00

Author: Kalpana Verma

Availability: 5 in stock

Pages: 200

Year: 2026

Binding: Text

ISBN: 9788199356023

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

हिन्दी साहित्य का इतिहास बोधगम्य पाठ

ग्रियर्सन से लेकर मिश्र बन्धुओं तक साहित्य के इतिहास का एक पाठ मिलता है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपनी व्याख्याओं के साथ सुस्पष्ट और प्रौढ़ रूप से काल-विभाजन किया और हिन्दी साहित्य के इतिहास के अध्ययन की एक पीठिका प्रस्तुत कर दी। शुक्ल जी के सामने भी समस्या थी कि बहुत सी पुस्तकें आदिकाल, भक्तिकाल और रीतिकाल की उपलब्धि ही नहीं थीं। इस कारण उनके विवेचन में कहीं-कहीं अवरोध आ जाता था। आचार्य द्विवेदी के समय तक आते-आते बहुत सी पुस्तकें उपलब्ध हो गयीं। उनके मूल पाठ भी मिल गये। जिनसे द्विवेदी जी ने अपनी एक इतिहास दृष्टि-विकसित की। उनकी दृष्टि तीन तत्त्वों पर आधारित है-इतिहास में विश्वास, इस लोक में कल्याण की इच्छा और परलोक का निषेध। इन तीनों मूल आधारों को केन्द्र बनाकर द्विवेदीजी ने इतिहास को विवेचित किया है और पाठगम्य भी बनाया है। साहित्य लेखन की परम्परा में हिन्दी साहित्य का यह बोधगम्य पाठ विद्यार्थियों के साथ सहज संवाद स्थापित करने का प्रयास है। हिन्दी साहित्य के इतिहास के प्रति विद्यार्थियों में रुचिगत संस्कार पैदा करना इसका उद्देश्य है।

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Language

Hindi

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Publishing Year

2026

Pulisher

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