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Description
खुशियों की पाठशाला
पाठकों को खुशी की ओर केन्द्रित करने का रचनात्मक और महत्वपूर्ण प्रयास है सुपरिचित लेखिका रेनू सैनी की यह पुस्तक ‘खुशियों की पाठशाला’। इस पुस्तक के दो भाग हैं, जो प्रत्येक आयु वर्ग के पाठकों के लिए प्रेरक सामग्री उपलब्ध कराते हैं। सुसंयोजित रूप में पहला भाग छोटी–सी खुशी, खुशी की अवधारणाएं, माइंडफुलनेस और उसके लाभ, अच्छी आदतों का उद्गम, समझने की क्षमता का बढ़ना, क्रोध पर नियंत्रण, तनाव से मुक्ति, स्मरण शक्ति का बढ़ना, ऊर्जा की एकाग्रता, भावनात्मक मजबूती, खुशी की अनुभूति, अच्छी नींद, निर्णय की परिपक्वता आदि के साथ ही कुछ कहानियां भी हैं। ये सभी कहानियां पाठकों को मनोरंजन के साथ ही सही दिशा भी दिखाती हैं। यह विचार और रचना का संगम है जहां रचना कैसे बनाई जाए यह भी सिखाती हैं रेनू सैनी। उनकी बताई गतिविधियां और अभिव्यक्ति के तरीके पुस्तक को रोचक व ज्ञानवर्धक बनाते हैं। पुस्तक का दूसरा भाग स्टार्टअप, हैप्पीनेस, सक्सेस और खुशी के मंत्र, विज्ञान की व्यावहारिकता ही नहीं, प्रश्न के साथ जिज्ञासा और सीख की सहजता से परिपूर्ण है। इस पुस्तक की विशेषता है रोचकता और सरसता। बात–बात में ज्ञान का विस्तार। हैप्पीनेस पाठ्यक्रम पर आधारित यह पुस्तक ‘खुशियों की पाठशाला’हिन्दी भाषा में उपलब्ध उन गिनी–चुनी पुस्तकों में एक है जो आपको ज्ञान से सरोबार करने के साथ–साथ मनोरंजन भी प्रदान करती है और खुशियों के खजाने की चाबी भी सौंप देती है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2024 |
| Pulisher |











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