

Lalmaniyan Tatha Anya Kahaniyan

Lalmaniyan Tatha Anya Kahaniyan
₹125.00 ₹95.00
₹125.00 ₹95.00
Author: Maitriye Pushpa
Pages: 138
Year: 2015
Binding: Paperback
ISBN: 9788126704798
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Description
ललमनियाँ तथा अन्य कहानयाँ
नब्बे के दशक में जिन रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और जिन्हें पाठकों ने भी हाथों-हाथ लिया, मैत्रेयी पुष्पा का नाम उनमें प्रमुख है। बहुत समय नहीं बीता, और आज वे हिंदी साहित्य-परिदृश्य की एक महत्वपूर्ण उपस्थिति हैं। उन्होंने हिंदी कथा-धारा को वापस गाँव की ओर मोड़ा और कई अविस्मर्णीय चरित्र हमें दिए। इन चरित्रों ने शहरी-मध्यवर्ग को उस देश की याद दिलाई जो धीरे-धीरे शब्द की दुनिया से गायब हो चला था। ‘इदन्नमम’ की मंदा, ‘चाक’ की सारंग, ‘अल्मा कबूतरी’ की अल्मा और ‘झूला नट’ की शीलो, ऐसे अनेक चरित्र हैं जिन्हें मैत्रेयी जी ने अपनी समर्थ दृश्यात्मक भाषा और गहरे जुडाव के साथ आकार दिया है।
यहाँ प्रस्तुत कहानियों में भाषागत बिम्बों और दृश्यों को सजीव कर देने की अपनी अद्भुत क्षमता के साथ वे जिस पाठ की रचना करती हैं, उसे पढना कथा-रस के एक विलक्षण अनुभव से गुजरना है। ‘ललमनियाँ’ की मौहरो, ‘रिजक’ कहानी की लल्लन, ‘पगला गई है भागवती !’ की भागो या ‘सिस्टर’ की डोरोथी, ये सब स्त्रियाँ अपने परिस्थितिगत गहरे करुणा भाव के साथ पाठक के मन में गहरे उतर जाती हैं, और यह चीज लेखिका की भाषा-सामर्थ्य और गहरे चरित्र-बोध को सिद्ध करती है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher | |
| Language | Hindi |









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