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Description
मिश्का झूल रही है झूला
‘मिश्का झूल रही है झूला’ प्रयाग शुक्ल की बाल-कविताओं का संग्रह है। बाल-कविताओं की तुकबंदी और लयात्मकता इनकी विशिष्टता है। ये कविताएँ बच्चों को अपने ध्वनि प्रभाव के साथ आकर्षित करती हैं। कह सकते हैं कि इस संग्रह की कविताओं में बाल-सुलभ जिज्ञासाएँ विद्यमान हैं। रेखाचित्रों के कारण यह और रोचक हो गई है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2016 |
| Pulisher |
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