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Mohan Rakesh : Adhoore Rishton Ki Poori Dastan
₹499.00 ₹379.00



₹499.00 ₹379.00
₹499.00 ₹379.00
Author: Jaidev Taneja
Pages: 400
Year: 2023
Binding: Paperback
ISBN: 9788196148720
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
मोहन राकेश : अधूरे रिश्तों की पूरी दास्तान
मोहन राकेश अपने आत्मानुभव के आधार पर बिलकुल सहज, सरल और स्वाभाविक शब्दों में केवल इतना ही कहते हैं, ‘आओ, प्यार करें, बिना ये जाने कि प्यार क्या है ?’ उनके लिए प्यार सीखने की नहीं, करने की कला है। राकेश के प्यार का दायरा केवल व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक मानवीय सम्बन्धों तक ही सीमित नहीं है। उनका प्यार पशु-पक्षियों, पहाड़ों, नदियों, झरनों, समुद्र तटों, पेड़-पौधों, जंगलों, चाँद-सितारों, सृष्टि और प्रकृति के लघु-विराट् और अनन्त रूपों तक फैला है।
इस पुस्तक का विषय राकेश के जीवन में अनेक बार आया प्यार और उस प्यार की आलम्बन रही स्त्रियों से उनके आधे-अधूरे रिश्तों के ज्ञात इकतरफा सच को, अनेक स्रोतों एवं सूत्रों से प्राप्त दूसरी तरफ के अल्पज्ञात सच के बरक्स रखकर, अपेक्षाकृत पूरे सच की तलाश पर केन्द्रित है।
अपनी भावनात्मक ज़रूरतों और ‘घर’ की तलाश में राकेश आजीवन छटपटाते-भागते रहे। कई स्त्रियाँ उनके जीवन में आईं, लेकिन फिर भी उनके जीवन का वह मूल प्रश्न अनुत्तरित ही रह जाता है कि वह स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के मामले में कभी भी पूरी तरह सुखी और सन्तुष्ट क्यों नहीं हो पाए?
अधूरे रिश्तों का यह सवाल राकेश के सन्दर्भ में अपेक्षाकृत अधिक जटिल, गम्भीर और महत्त्वपूर्ण है, खासतौर से तब जब हम यह जानते हैं कि इसका वास्तविक सम्बन्ध राकेश के अपने अन्तर्विराेधों तथा उनकी शर्तों एवं लगभग असम्भव अपेक्षाओं से है।
‘किसी विशिष्ट स्त्री’ की तलाश ही शायद वह मूल कारण रहा होगा जिसके लिए मोहन राकेश को अपने जीवन में कई स्त्रियों से होकर गुज़रना पड़ा।
इस पुस्तक में आत्मकथा, जीवनी, संस्मरण, साक्षात्कार, इतिहास, आत्मालोचना और किसी हद तक नाटक एवं कथा, आदि विधाओं के भी कई तत्त्व समाहित हैं। इन्हीं के सहारे यह पुस्तक आधुनिक हिन्दी साहित्य और रंगकर्म के सम्मोहक तथा विवादास्पद मिथक पुरुष के व्यक्तित्व के रहस्यमय नेपथ्य-लोक की अन्तर्यात्रा करने का प्रयास करती है।
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |
जयदेव तनेजा
जन्म: 15 मार्च, 1943 (ओकाड़ा – पाकिस्तान)।
शिक्षा: एम.लिट्, पी-एच.डी. (दिल्ली विश्वविद्यालय)।
प्रकाशन : आधुनिक हिन्दी/भारतीय नाटक और रंगमंच संबंधी पन्द्रह आलोचनात्मक पुस्तकें एवं बहुसंख्य नाट्य-लेख।
मोहन राकेश सम्बन्धी लेखन : लहरों के राजहंस: विविध आयाम, मोहन राकेश : रंग-शिल्प और प्रदर्शन।
संपादन : पूर्वाभ्यास (मोहन राकेश), नाट्य-विमर्श (मोहन राकेश), बी.एम. शाह, मनोहर सिंह, ब.व. कारंत, पुनश्च (राकेश और अश्क दंपति का पत्राचार), एकत्र (मोहन राकेश की असंकलित रचनाएँ), मोहन राकेश : रंग-शिल्प और प्रदर्शन, राकेश और परिवेश : पत्रों में।

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