Nahi Yaad Aaya Mujhe

-24%

Nahi Yaad Aaya Mujhe

Nahi Yaad Aaya Mujhe

250.00 190.00

In stock

250.00 190.00

Author: Jeenas Kanwar

Availability: 5 in stock

Pages: 156

Year: 2025

Binding: Hardbound

ISBN: 9789355368898

Language: Hindi

Publisher: Bodhi Prakashan

Description

नहीं याद आया मुझे

जीनस कँवर राजस्थान के कवियों में एक नया नाम है। पिछले कई अरसे से फेसबुक पर उनकी कविताएं दिखती रहीं हैं। उनकी कविता में शिल्प का प्रयोग अचंभित करता है। कभी संबोधन में, कभी कहने के ढंग में ताजी हवा का स्पर्श होता रहता है। प्रेम, दुख और संगीत से बुनी जीनस की कविताओं में अध्यात्म ऐसे आता है जैसे घास के मैदान में अकेला मेमना; अकेला, पर उपस्थित और दृश्य को जीवन्त बनाता। उनकी भाषा बहुत शानदार है पर शैली अति तक पहुंचती भावुकता से कहीं-कहीं सपाट होती रहती है। इधर की स्त्री कवियों पर यह खतरा मंडरा रहा है कि सब कुछ कह देने का उतावलापन कहीं उनसे व्यंजना को छीन न ले। घर लौटने का उल्लास, प्रेम पाने की निश्चिन्ता और संगीत के सुरों में डूबा मन लिए जीनस एक ऐसा दृश्य रचती हैं जो हाल की स्त्री-कविताओं के विस्फोट से आहत मन पर मुलायम फाहा रखता है।

सात अध्यायों में बँटी यह किताब स्त्री मन के सात रंगों को भी सामने लाती है। प्रेम जीनस की कविताओं का मुख्य स्वर है और यह स्वर पूरी तरह भारतीय स्त्री का है। विरह भी उनके लिए प्रेम का ही एक टुकड़ा है, अध्यात्म भी प्रकृति से प्रेम है, संगीत उस प्रेम तक पहुँचाता है। जीनस की कविताएँ घर और स्वीकृत संबंधों की एक गाथा है। परिधि के अंदर रह कर आध्यात्मिक ऊंचाई प्राप्त करने का रास्ता दिखाई हैं ये कविताएँ।

‘नहीं याद आया मुझे’ इस संग्रह की शीर्षक कविता है और क्या खूब है। इस अकेली कविता से जीनस की अब तक की काव्य-यात्रा को समझा जा सकता है। प्रेम के प्रचलित बिंबों और रूपकों की जगह डायरी और कलम को स्थापित करते हुए यह कविता समर्पण के असली अर्थ खोलती है। जीनस लगातार लिख रहीं हैं और उन्हें ठीक से पढ़ा जाना ही उनके लिखे को और बेहतर बनाएगा।

– अजंता देव

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Nahi Yaad Aaya Mujhe”

You've just added this product to the cart: