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Description
निर्मला
निर्मला प्रेमचंद का पहला उपन्यास है जिसमें वे क्रूर यथार्थ की ज़मीन पर खड़े हो कर भारतीय समाज में नारी की असहाय स्थिति का चित्रण करते हैं। ग़रीबी के कारण युवा निर्मला का विवाह अधेड़ तोताराम से हो जाता है तब बेमेल विवाह की विडम्बनाओं का चक्र घूमने लगता है। लेकिन निर्मला परिस्थिति से समझौता नहीं करती और अपना प्रतिकार जारी रखती है। इसी तरह, अन्य नारी पात्र भी अपनी संघर्ष चेतना का परिचय देते रहते हैं। ‘निर्मला’ के माध्यम से प्रेमचंद ने तत्कालीन समाज की अन्य विडम्बनाओं पर भी प्रकाश डाला है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











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