

Pheriwala Rachnakar

Pheriwala Rachnakar
₹400.00 ₹300.00
₹400.00 ₹300.00
Author: Manu Sharma
Pages: 200
Year: 2019
Binding: Hardbound
ISBN: 9789386300607
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
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Description
फेरीवाला रचनाकार
आत्मकथा ईमानदारी माँगती है, जिसे यहाँ बखूबी निभाया गया है। जहाँ-जहाँ इस लेखक में कमजोरियाँ नजर आईं, पूरी ईमानदारी से उसने स्वीकार किया। लेखकीय जीवन के वे राज भी बयाँ हुए हैं, जिन्हें एक उम्र तक कलम की नोक तले दबाकर रखा गया। ‘कृष्ण की आत्मकथा’ का यह रचनाकार अपनी आत्मकथा में भी उन्हीं योगेश्वर के आशीर्वाद की प्रतिध्वनि सुनता नजर आया है, वरना अपनी आँखों से उस युग की तस्वीर कैसे देख सकता था, जिसे कृष्ण ने भोगा था। उस संत्रास का कैसे अनुभव कर सकता था, जिसे उस युग ने झेला था। उस मथुरा को कैसे समझ पाता, जो भगवान् कृष्ण के अस्तित्व की रक्षा के लिए नट की डोर के तनाव पर सिर्फ एक पैर से चली। उस दुखी ब्रज के प्रेमोन्माद को कैसे महसूस करता, जो कृष्ण के वियोग में विरहाग्नि बिखेर रही थी।
जिंदगी के इस महाभारत में लेखक जयी हुआ या पराजित, इसका उत्तर सिर्फ समय के पास है। मगर यह आत्मकथा इस बात की गवाह है कि यह लड़ाई उन्होंने पूरी शिद्दत, ईमानदारी और पराक्रम से लड़ी।
मनु शर्मा की यह आत्मकथा फेरीवाला रचनाकार कृष्ण तथा अन्य चरित्रों की आत्मकथाओं की तरह पाठकों के हृदय में स्थान बनाएगी। पूरी शिद्दत और आत्मीयता के साथ पढ़ी जाएगी, इसमें कोई संशय नहीं है। आत्मकथाओं की शृंखला में एक और पठनीय आत्मकथा।
मनु शर्मा ने साहित्य की हर विधा में लिखा है। उनके समृद्ध रचना-संसार में आठ खंडों में प्रकाशित ‘कृष्ण की आत्मकथा’ भारतीय भाषाओं का विशालतम उपन्यास है। ललित निबंधों में वे अपनी सीमाओं का अतिक्रमण करते हैं तो उनकी कविताएँ अपने समय का दस्तावेज हैं।
| अनुक्रम | |||||
| यह आत्मकथा क्यों ? | 5 | ||||
| 1. मौत के साये में परवरिश | 11 | ||||
| 2. नाचत निशिवासर बीत्यो | 23 | ||||
| 3. लोकजन में शिक्षा का उजास | 38 | ||||
| 4. गुरु ने सुझाई राह | 55 | ||||
| 5. किताबें झाड़ते-पोंछते बन गया लेखक | 66 | ||||
| 6. महाभारत ने बदल दी जिंदगी | 83 | ||||
| 7. गांधी से संवाद और संकटमोचन के तीर | 103 | ||||
| 8. बनारसी अड़ी में मिली जिंदगी | 128 | ||||
| 9. बीस साल तक राजनीति में थमी रही लेखनी | 176 | ||||
| 10. कुंती ने दिया सहारा | 183 | ||||
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |









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