Prasangvash : Sahitya Aur Samaj Ki Chand Bahasen

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Prasangvash : Sahitya Aur Samaj Ki Chand Bahasen

Prasangvash : Sahitya Aur Samaj Ki Chand Bahasen

295.00 222.00

In stock

295.00 222.00

Author: Pranay Krishna

Availability: 5 in stock

Pages: 224

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789348229403

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

प्रसंगवश : साहित्य और समाज की चन्द बहसें

यह पुस्तक ऐसे लेखों का संग्रह है जो पिछली एक चौथाई सदी से कुछ अधिक समय में भिन्न-भिन्न प्रसंगों तथा अवसरों पर लिखे गए हैं। इन लेखों के विषय नए-पुराने सभी तरह के हैं, लेकिन उन पर चली बहसें नितान्त समकालीन होने के चलते लेखों का सम्बन्ध भी समकालीन वैचारिक परिवेश से है-राजनीति, समाज और साहित्य के अनेक सवाल व्याख्या, पुर्नव्याख्या, दुर्व्याख्या की अनिवार्य प्रक्रियाओं से गुजरते हैं- व्याख्या की राजनीति में हस्तक्षेप ही इन लेखों का मुख्य मकसद है।

पुस्तक के कई लेख पहले भाषण के रूप में सामने आए, बाद को प्रकाशित होने के बाद लेख बन गए। सभी लेख जिन पत्रिकाओं में, जिस साल प्रकाशित हुए, उनका उल्लेख हर लेख के आखीर में कर दिया गया है, भाषणों के सन्दर्भ भी इसी प्रकार दर्ज हैं, कुछेक ऐसे भाषण भी है, जो लेख रूप में प्रकाशित नहीं हुए थे।

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Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

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