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Description
सदियों के सोये जाद उठे
रंगमंच सिनेमा और टेलीविजन की मशहूर कलाकार नादिरा जहीर बब्बर भारतीय कलाजगत में अपने कलाकर्म और सामाजिक सक्रियता के कारण जानी जाती हैं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की स्नातक और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नादिरा ने अपनी संस्था ‘एकजुट’ के माध्यम से रंगमंच के क्षेत्र में कई नये प्रतिमान कायम किए हैं। ‘आथेलो’, ‘तुगलक’, ‘जसमा ओढ़न’, ‘संध्या छाया’, ‘बेगम जान’ आदि नाटकों में केन्द्रीय भूमिकाएं निभाने के अलावा उन्होंने और ऐसे नाटकों का निर्देशन किया है जो भारतीय रंगमंच में अपनी नयी पहल कदमी के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। सुप्रसिद्ध चित्रकार मक़बूल फ़िदा हुसैन के जीवन पर आधारित ‘पेंसिल से ब्रश तक’, धर्मवीर भारती की कालजयी कृतियों ‘कनुप्रिया’ एवं ‘अंधायुग’ पर आधारित ‘इतिहास तुम्हें ले गया कन्हैया’ और उत्तर पूर्व की पृष्ठभूमि पर ‘ऑपरेशन क्लाउडबर्स्ट’ सहित उन्होंने दर्जनों ऐसे नाटकों का निर्देशन किया है जो भारतीय रंगमंच में ऐसा कुछ नया जोड़ते हैं जिससे नयी पीढ़ी प्रभावित हो सकती है। प्रगतिशील लेखक संघ के संस्थापक कामरेड सज्जाद ज़हीर की बेटी और मशहूर नेता-अभिनेता की राज बब्बर की पत्नी नादिरा का जन्म 20 जनवरी 1948 को हुआ था। इन दिनों वे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सोसायटी की सम्मानित सदस्य हैं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2006 |
| Pulisher |











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