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Description
सरयू से सिंधु
सिंधी समाज जिस विपुल परिमाण में पाकिस्तान के सिंध में है भारत में भी उससे कम नहीं। भारत और पाकिस्तान के बीच एक तरह से मैत्री और रिश्ते की मजबूत कड़ी है यह सिंधी समाज। लेखक रविप्रकाश टेकचंदाणी भारत में पैदा हुए वैसे ही सिंधी समाज के एक सदस्य हैं, जिनके पूर्वज अविभाजित हिंदुस्तान के सिंध प्रांत के रहवासी थे। यह स्वाभाविक ही था कि लेखक का वर्तमान में भारत के फैजाबाद में रहवासी होने के बावजूद, सिंध प्रांत में अपने पूर्वजों की भूमि को देखने और चूमने की अदम्य लालसा ने उनसे सिंध की यात्रा कराई। सरयू किनारे फैजाबाद से वाया दिल्ली सिंध के सिंधु नदी तक की लेखक की, लगभग एक दशक पूर्व की, यह यात्रा एक सामान्य यात्रा भर नहीं थी, वरन् यह सिंध के इतिहास, भूगोल, समाज, संस्कृति और साहित्य को नए परिदृश्य में फिर से देखने, जानने, समझने और अनुभूत करने की भी यात्रा थी। यह यात्रा सिर्फ सरयू से सिंधु तक के भूगोल की भौतिक यात्रा न थी, दो हृदयांचलों के समागम की भी यात्रा थी। इस यात्रा को समझने के लिए इस पुस्तक का पारायण आवश्यक ही नहीं, अनिवार्य भी है।
Additional information
| ISBN | |
|---|---|
| Authors | |
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2024 |
| Pulisher |











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