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मेरी भक्ति
गुरु की शक्ति
तन्त्र महायोग
आज भी तन्त्र से मशान जागता है, आज भी भूत-प्रेत कब्नों में रहते हैं। सभी व्यक्ति स्वयं ही परख चुके हैं कि जो मंदिरों, गुरुद्वारों व मजारों को मानता है उसकी आशायें पूरी होती हैं। धार्मिक स्थलों में जाकर मन पवित्र तथा आत्म-सुख मिलता है, यही तन्त्र का असली रूप है।
इस पुस्तक में दिए गए प्रयोगों के बारे में प्रयोगकर्ता (लेखक नहीं) का कहना है कि उनकी कलम से परमात्मा की इच्छा काम कर रही है और मैं आपके काम आऊँ ये मेरी हार्दिक इच्छा है। आपकी भी कामनायें पूर्ण हों इसी लक्ष्य से यह संग्रह तैयार किया गया है। आवश्यकता केवल विश्वास, साधना और समय की है जो तन्त्र की इन महायोग शक्तियों को प्रयोग कर जनता का भला किया जाये।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2016 |
| Pulisher |











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