Meri Priya Kahaniyan : Bhishm Sahni

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Meri Priya Kahaniyan : Bhishm Sahni

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225.00 157.00

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Author: Bhishm Sahni

Availability: 5 in stock

Pages: 128

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789350640692

Language: Hindi

Publisher: Rajpal and Sons

Description

मेरी प्रिय कहानियाँ : भीष्म साहनी

आधुनिक हिन्दी कहानी के सफर में भीष्म साहनी एक महत्त्वपूर्ण नाम है। उनकी सर्वाधिक प्रिय कहानियों के इस संकलन में जीवन और समाज से गहरे जुड़े प्रश्नों को प्रस्तुत किया गया है। इनमें से अनेक कहानियाँ बेहद चर्चित हुई हैं। विशेष रूप से लिखी उनकी भूमिका हिन्दी कहानी की अनेक समस्याओं को उठाती है।

आधुनिकता-बोध की जिस कसौटी पर कहानी को परखा जाने लगा है उससे मैं सहमत नहीं हूँ। जहाँ कहानी जीवन से साक्षात्कार कराती है, उसके भीतर पाये जाने वाले अन्तर्विरोधों से साक्षात् कराती है, वहाँ वह अपने ही समय और युग का बोध भी कराती है। पर यदि आधुनिक ‘भाव-बोध’ को साहित्य का विशिष्ट गुण मान लिया जाये तो हम दिग्भ्रमित ही होंगे। यदि कहानी में अवसाद है, मूल्यहीनता का भाव है, अनास्था है तो वह कहानी आधुनिक, और… चूंकि आधुनिक है, इसलिए उत्कृष्ट है, इस प्रकार का तर्क मुझे प्रभावित नहीं करता। अपना भाग्य ढोते हुए इंसान का चित्र असंगत है, अनास्था आधुनिक है, आस्था असंगत है, मृत्युबोध आधुनिक है, जीवन-बोध असंगत और निरर्थक है, इस प्रकार के तर्क के आधार पर साहित्य को परखना और उसके गुण-दोष निकालना ज़िन्दगी को भी और साहित्य को भी टेढ़े शीशे से देखने की कोशिश है।

– इस पुस्तक की भूमिका से

क्रम

 

  • चीफ की दावत
  • समाधि भाई रामसिंह
  • माता-विमाता
  • गंगो का जाया
  • सिफारिशी चिट्ठ
  • अमृतसर आ गया है…
  • साग-मीट
  • लीला नन्दलाल की
  • वाङ्चू
  • खिलौने

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Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

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