Bama
बामा
विख्यात तमिल कथाकार बामा का जन्म 14 मार्च, 1958 को हुआ। नारीवाद और जाति-विरोध उनके साहित्य में विशेष रूप से मुखर है। दलित सौन्दर्यशास्त्र की निर्मिति में उनकी कृतियों का विशेष योगदान रहा है। उनका आत्मकथात्मक उपन्यास ‘करुक्कु’ अत्यन्त चर्चित रहा। उनकी अन्य प्रकाशित कृतियों में ‘संगति’ (1994), ‘किसुम्बुकरन’ (1996), ‘वनम’ (2002), ‘ओरु थाथ अवुम येरुमायुम’ (2003), ‘कोंडट्टम’ (2009), ‘मानुषी’ (2012), थवित्तुकुरुवी (2015) और ‘विरुत्चांगलागम विथाइगल’ (2022) शामिल हैं। उनकी रचनाएँ हिन्दी, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती, मलयालम, अंग्रेजी, फ्रेंच आदि कई भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। ‘करुक्कु’ उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 2000 में ‘क्रॉसवर्ड पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।

