Mahavir Saran Jain

Mahavir Saran Jain

महावीर सरन जैन

जन्म 17 जनवरी , 1941  हिन्दी के अन्तरराष्ट्रीय स्तर के विद्वान एवं प्रख्यात भाषावैज्ञानिक।

शैक्षिक योग्यताएँ : एम.ए. (हिन्दी) (1960) , डी.फिल . (हिन्दी – भाषाविज्ञान) (1962) , डी.लिट् , (हिन्दी भाषाविज्ञान) (1967)।

प्रोफेसर जैन ने भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के निदेशक, रोमानिया के बुकारेस्त विश्वविद्यालय के हिन्दी के विजिटिंग प्रोफेसर तथा जबलपुर के विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी एवं भाषाविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष के रूप में कार्य किया तथा हिन्दी के अध्ययन अध्यापन एवं अनुसन्धान तथा हिन्दी के प्रचार – प्रसार विकास के क्षेत्रों में विश्व स्तर पर योगदान दिया है। प्रोफेसर जैन ने भारत सरकार के योजना आयोग के शिक्षा प्रभाग के सदस्य के रूप में कार्य किया। अनेक मन्त्रालयों की राजभाषा सलाहकार समितियों के सदस्य रहे।

25 से अधिक विश्वविद्यालयों के पी-एच.डी. एवं डी. लिट्. उपाधियों के लिए प्रस्तुत शताधिक शोध – प्रबन्धों का परीक्षण कार्य किया। अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलनों, परिसंवादों एवं संगोष्ठियों की अध्यक्षता की अथवा मुख्य व्याख्यान दिए।

सम्मान

उत्तर प्रदेश सरकार का ‘साहित्य भूषण पुरस्कार’ , भारतीय शिक्षा परिषद् , उत्तर प्रदेश द्वारा साहित्य वाचस्पति, डॉक्टर भीमराव अम्बेदकर विश्वविद्यालय, आगरा से ‘ब्रज विभूति सम्मान’, भारतीय राजदूतावास, बुकारेस्त (रोमानिया) बुकारेस्त विश्वविद्यालय में हिन्दी शिक्षण में योगदान के लिए ‘स्वर्ण पदक’।

प्रमुख पुस्तकें

परिनिष्ठित हिन्दी का ध्वनिग्रामिक अध्ययन, परिनिष्ठित हिन्दी का रूपग्रामिक अध्ययन, अन्य भाषा शिक्षण, भाषा एवं भाषा विज्ञान, सूरदास एवं सूरसागर की भाव योजना, विश्वचेतना एवं सर्वधर्म सम्भाव, भगवान महावीर एवं जैन दर्शन, विश्व शान्ति एवं अहिंसा आदि।

You've just added this product to the cart: