S.S. Pandharipande
सु. श्री. पांढरीपांडे
सु. श्री. पांढरीपांडे ने धरमपेठ कॉलेज, नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर में अंग्रेजी का अध्यापन किया। 1985-86 में नागपुर विश्वविद्यालय के ‘गांधी विचारधारा’ विभाग में व्याख्याता एवं विभागाध्यक्ष रहे।
उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘साहित्य : रूप, सन्दर्भ और सौन्दर्य’, ‘ध्रुवपद’, ‘अन्वय’, ‘गांधी : परम्परा और परिवर्तन’, ‘धीरेंद्र मजुमदार : जीवन और कार्य’, ‘स्वराज्य : दिशा और दर्शन’। उन्होंने दादा धर्माधिकारी की तीन मराठी पुस्तकों—‘सर्वोदय-दर्शन’, ‘स्त्री-पुरुष सहजीवन’, ‘क्रान्तिवादी तरुणांनो’ का अंग्रेजी अनुवाद क्रमश: ‘Philosophy of Sarvodaya’, ‘Beyond Gender Games : The Fellowship of Women and Men’, ‘Youth And Revolution’ नाम से किया।
उन्हें ‘महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार’, ‘जोशी पुरस्कार’, ‘डॉ. महामहोपाध्याय, डॉ. वा. मि. मिराशी पुरस्कार’, ‘पत्रपंडित पां. वा. गाडगीळ स्मृति सामाजिक-आर्थिक विकास लेखन लोकमत पुरस्कार’, ‘रोहिणी पटवर्धन गुणवत्तापूर्ण सहजीवन पुरस्कार’ (पत्नी दमयंती के साथ) से सम्मानित किया गया है।