Suresh Kant

Suresh Kant

सुरेश कांत

चर्चित हिन्दी-लेखक सुरेश कांत ने प्रायः सभी विधाओं में अपनी दो दर्जन से अधिक कृतियों द्वारा हिन्दी-साहित्य को एक नई ताज़गी दी है। उनकी अनेक कृतियाँ साहित्य कला परिषद (दिल्ली), हिन्दी अकादमी (दिल्ली), उ.प्र. हिन्दी संस्थान (लखनऊ) आदि द्वारा पुरस्कृत की जा चुकी हैं। उनके नुक्कड़ व्यंग्य-नाटक ‘विदेशी आया’ के 100 से भी ज्‍़यादा प्रदर्शन हो चुके हैं। दैनिक ‘अमर उजाला कारोबार’ में हर रविवार को प्रकाशित होनेवाला उनका साप्ताहिक व्यंग्य-कॉलम ‘अर्थसत्य’ और हर मंगलवार को प्रकाशित होनेवाला साप्ताहिक प्रबन्‍धन-कॉलम बहुत चर्चित हुए।

उनकी प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ इस प्रकार हैं : ‘ब से बैंक’ (पुरस्कृत), ‘अफ़सर गए विदेश’ (पुरस्कृत), ‘पड़ोसियों का दर्द’, ‘बलिहारी गुरु’ (पुरस्कृत), ‘अर्थसत्य’, ‘जॉब बची सो…’ (व्‍यंग्‍य उपन्‍यास); उपन्यास—‘धम्मं शरणम्’ (पुरस्कृत), ‘युद्ध’, ‘जीनियस’, ‘नवाब साहब’, ‘कनीज’ (उपन्‍यास) ; ‘उत्तराधिकारी’, ‘गिद्ध’, ‘क्या आप एस.पी. दीक्षित को जानते हैं?’ (कहानी-संग्रह); ‘रजिया’, ‘प्रतिशोध’, ‘विदेशी आया’, ‘गवाही’, ‘कौन?’ (नाटक); ‘अफ़सर गए बिदेस’, ‘पड़ोसियों का दर्द’, ‘बलिहारी गुरु’, ‘देसी मैनेजमेंट’, ‘चुनाव मैदान में बन्दूकसिंह’, ‘भाषण बाबू’, ‘मुल्ला तीन प्याजा’, ‘कुछ अलग’, ‘बॉस, तुसी ग्रेट हो!’ (व्‍यंग्‍य); ‘कुट्टी’, ‘रोटी कौन खाएगा’, ‘चलो चाँद पर घूमें’, ‘भाषण बाबू’, ‘भैंस का अंडा’, ‘विश्वप्रसिद्ध बाल कहानियाँ’ (पाँच भाग) (बाल-साहित्‍य); ‘हिन्दी गद्य लेखन में व्यंग्य और विचार’ (आलोचना); ‘प्रबन्धन के गुरुमंत्र’, ‘कुशल प्रबन्‍धन के सूत्र’, ‘सफल प्रबन्‍धन के गुर’, ‘उत्‍कृष्‍ट प्रबन्‍धन के रूप’, ‘आदर्श प्रबन्‍धन के सूक्‍त’, ‘बैंकों में हिन्दी का प्रयोग’ आदि (प्रबन्‍धन) आदि।

wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto toto toto toto toto toto
You've just added this product to the cart: