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Description
आकलन गोविन्द मिश्र
प्रस्तुत पुस्तक श्री मिश्र जी के व्यक्तित्व से लेकर सभी विधाओं में किए गए लेखन का वस्तुनिष्ठ आकलन प्रस्तुत किया गया है जिसमें पच्चीस सुधी विद्वानों के सैंतालीस सुविचारित आलेखों को संकलित किया गया है। इससे शोधकार्य की दिशाएँ आलोकित हो सकेंगी। शोधार्थियों को अपने निर्धारित विषय के साथ मिश्र जी के सम्पूर्ण लेखन का संक्षिप्त परिचय प्राप्त हो जाएगा जो शोधकार्य को परिपूर्णता प्रदान करने में सहायक होगा। परिशिष्ट में प्रकाशन क्रम से मिश्र जी की रचनाओं की विस्तृत सूची प्रकाशन संस्थाओं के साथ दे दी गई है, जिससे रचनाकार के क्रमिक विकास के साथ पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही कुछ प्रतिष्ठित विद्वानों की सम्मतियों को भी संलग्न कर दिया गया है जिन्हें शोधार्थी यथावत उद्धृत कर सकते हैं।
श्री गोविन्द मिश्र के साहित्य में शोधकार्य की अनन्त संभावनाएँ हैं। विभिन्न विधाओं में किए गये आपके प्रस्तुत लेखन पर अनेक दृष्टियों से शोध कार्य किया जा सकता है। सामाजिक संस्कृति, राजनीतिक संचेतना, सांस्कृतिक निष्ठा, दार्शनिक चेतना, मनोवैज्ञानिकता, मूल्य धर्मिता, परम्परा और आधुनिकता, व्यक्ति और समाज, संवेदना का स्वरूप, चिन्तन की मौलिकता, विधाओं की प्रदेय, साहित्यिक दृष्टि, भाषा वैज्ञानिक अध्ययन, संरचनात्मक वैशिष्ट्य, भाषिक समृद्धि, भाषा और भाव का मणिकांचन योग, शैल्पिक सिद्धि, प्रयोगशीलता, यथार्थ और कल्पना की सानुपातिकता, रचना की सोद्देश्यता, व्यापक मंगल की खोज, इतिहास बोध जैसे अनेक मुद्दे हैं जिन्हें केन्द्र में रखकर असंख्य शोध विषय बनाये जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं के समकालीन साहित्यकारों के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher |











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