Aalhkatha : Veergatha Ka Aatmahanta Adhyay

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Aalhkatha : Veergatha Ka Aatmahanta Adhyay

Aalhkatha : Veergatha Ka Aatmahanta Adhyay

399.00 279.00

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399.00 279.00

Author: Mahesh Katare

Availability: 5 in stock

Pages: 256

Year: 2026

Binding: Paperback

ISBN: 9789360866754

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

आल्हकथा : वीरगाथा का आत्महन्ता अध्याय

लोक में प्रचलित महाकाव्य आल्हखंड की कथा है। कवि जगनिक भट्ट के ‘परमाल रासो’ से निसृत इस गाथा में श्रोता-समुदाय की असाधारण रुचि, काव्य की मौखिक परम्पराओं और जन-कवियों की स्थानीय रचनाध‌र्मिता का योग भी रहा, और इस सबके चलते कम-से-कम उत्तर भारत में रामायण और महाभारत के बाद जिस काव्य ने लोक में अपनी जगह बनाई, वह आल्हा-ऊदल की कथा ही है।

यह उपन्यास इतिहास और लोक-स्मृतियों को आधार बनाकर महोबा के महान योद्धाओं आल्हा-ऊदल और उनके ऐतिहासिक व सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को एक रचनात्मक आकार देने का प्रयास करता है।

वरिष्ठ कथाकार महेश कटारे ने अपने पूर्व के उपन्यासों में भी कई ऐसे विषयों और चरित्रों को अपने कुशल कथा-वितान के ज़रिये जीवन्त किया है जिनकी ओर अक्सर कथाकारों का ध्यान नहीं गया था। ‘आल्हकथा’ में उन्होंने आल्हा-ऊदल के समय की विसंगतियों को चित्रित क​रते हुए उन सरोकारों को भी रेखांकित किया है जिनका सम्बन्ध हर युग के सामाजिक-राजनीतिक जीवन-व्यापार से होता है।

लीक से हटकर लिखे गए उपन्यासों को पसन्द करने वाले पाठक इस कृति को निश्चय ही संग्रहणीय पाएँगे।

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Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

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