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Description
बापू ने कहा था
महात्मा गाँधी की सादगी, प्राणिमात्र से अपनापन, ईमानदारी, कथनी-करनी में एका होना आदि कुछ ऐसी बातें हैं जो किसी को भी उनकी ओर सहज ही आकर्षित करती हैं। गाँधी को समझने-बूझने के लिए हमें उस किताब को पढ़ना होगा जिसकी ओर उन्होंने इशारा किया था – ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।’ आज समाज ने भले ही आर्थिक, तकनीकी और भौतिक समृद्धि प्राप्त कर ली हो, लेकिन जीवन-मूल्यों को ले कर उतनी ही अस्पष्टता भी समाज में व्यापक रूप ले रही है। इस पुस्तक में सभ्यता, शिक्षा व स्वराज, स्वदेशी, भाषा और साहित्य, साम्यवाद का सही अर्थ, धर्म परिवर्तन, स्त्री शिक्षा आदि, आज की ज्वलंत समस्याओं व दुविधाओं पर महात्मा गाँधी के विचारों को प्रस्तुत किया गया है। सामग्री का चयन प्रकाशन विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित पचास हजार पृष्ठों के सौ खंडों वाले “गाँधी वाङ्मय” में से किया गया है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2018 |
| Pulisher |











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