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Description
भारत में जनसम्पर्क
आज के परिदृश्य में चाहे कॉर्पोरेट हो या कोई शिक्षण संस्थान या कोई भी समूह या संगठन जो अपना उत्पाद या विचार लोगों तक पहुंचाना चाहता है, उसकी कामयाबी जनमत को अपने पक्ष में मोड़ने के साथ जुड़ी है। इसलिए वर्तमान समय में जनसम्पर्क बेहद आवश्यक है। यह समझने योग्य बात है कि आधुनिक जनसम्पर्क का विकास आज के जीवन की जटिलताओं के विस्तार के साथ हुआ क्योंकि इस दौर में यह आवश्यक हो गया कि लोगों का एक समूह, दूसरे समूह तक अपनी बात पहुंचा सके और उसे उस बात के लिए सहमत कर सके। सूचना एवं प्रौद्यौगिकी की उत्तरोत्तर प्रगति ने लोगों के सामने विकल्पों की बहुतायत कर दी है। इस स्थिति ने प्रतिस्पर्धा को जन्म दिया है। चाहे सार्वजनिक क्षेत्र हो या निजी, प्रत्येक के लिए आवश्यक हो गया है कि अंतिम उपभोक्ता (सरकार के लिए जनता) तक प्रभावशाली ढ़ंग से पहुँचा जाए। यही वो वजह है जिसने जनसंपर्क की भूमिका को अभूतपूर्व रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2021 |
| Pulisher |











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