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भारतीय काव्यशास्त्र
भारतीय काव्यशास्त्र का अर्थ है, संस्कृत भाषा में लिखित काव्यशास्त्र । हिन्दी काव्यशास्त्र, वस्तुतः संस्कृत काव्यशास्त्र की धरोहर का ही प्रयोग करता आ रहा है। रीतिकालीन काव्यशास्त्र में कोई विशेष मौलिकता नहीं है। रीतिकालीन काव्यशास्त्र में संस्कृत काव्यशास्त्र के सिद्धान्त ही यथावत् अथवा यत्किचित परिवर्तनों के साथ स्वीकृत हुए थे, अतएव संस्कृत काव्यशास्त्र की पुनर्व्याख्या, प्रकारान्तर से, रीतिकालीन हिन्दी काव्यशास्त्र की भी पुनर्व्याख्या है।
वैज्ञानिक भौतिकवाद के प्रवर्त्तक मार्क्स तथा उनके अनुयायियों का यह विचार है कि इस दृष्टि से प्रत्येक देश की परम्परा और प्रगति की परीक्षण और पुनर्व्याख्या होनी चाहिए अन्यथा अपनी धरोहर से ग्रहणीय तत्वों, धारणाओं अथवा विवेचन-अस्त्रों को प्राप्त नहीं किया जा सकता और न त्याज्य अंशों को ही रेखांकित किया जा सकता है। प्रत्येक देश में द्वन्द्वात्मक भौतिकवादी जीवनबोध, तत्व (कंटेंट) के ही रूप में रह सकता है, उसका रूप राष्ट्रीय ही होगा। अतएव काव्यशास्त्र के राष्ट्रीय रूप के लिए, परम्परा का मार्क्सवादी दृष्टि से अनुसन्धान एक ऐतिहासिक आवश्यकता है। प्रस्तुत ग्रन्थ इसी आवश्यकता की पूर्ति का एक प्रयत्न है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |











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