Bhasha : Samvedna Aur Surjan

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Bhasha : Samvedna Aur Surjan

Bhasha : Samvedna Aur Surjan

450.00 335.00

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450.00 335.00

Author: Ramswaroop Chaturvedi

Availability: 5 in stock

Pages: 128

Year: 2026

Binding: Hardbound

ISBN: 9789393603043

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

भाषा : संवेदना और सर्जन

‘भाषा और संवेदना’ (१८६४) रामस्वरूप चतुर्वेदी के आलोचनात्मक लेखन की ध्वजवाही कृति कही जा सकती है। गत तीन दशकों में भाषिक रचना-प्रक्रिया साहित्यिक सर्जन और साहित्य-चिंतन के केन्द्र में क्रमशः आती गई है। तो इसके पीछे ‘भाषा और संवेदना’ का सघन होता संस्कार एक महत्त्वपूर्ण कारक माना जाएगा। ‘सर्जन और भाषिक संरचना’ (१६८०) ‘भाषा और संवेदना’ की उत्तर-कृति है। दोनों मिलकर सर्जन के सूक्ष्म क्षेत्र में भाषा और संवेदना की अंतरक्रिया को बड़े दक्ष ढंग से रूपायित करती हैं। इस दृष्टि से दोनों कृतियों को वर्तमान संयुक्त संस्करण में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि पुराने और नये सभी पाठकों को वैचारिक उत्तेजन और तृप्ति की मिली-जुली अनुभूति हो।

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Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

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