Chal Khusro Ghar Aapne

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Chal Khusro Ghar Aapne

Chal Khusro Ghar Aapne

80.00 72.00

Out of stock

80.00 72.00

Author: Mithileshwar

Availability: Out of stock

Pages: 115

Year: 2000

Binding: Paperback

ISBN: 8126306254

Language: Hindi

Publisher: Bhartiya Jnanpith

Description

चल खुसरो घर आपने

इस संग्रह की कहानियों में आज का गाँव है—अपने सारे राग-विराग, सुख-दुःख के साथ। शहरी संस्कृति ने जिस तरह मानवीय संवेदनाओं को विकृत किया है उसका विद्रूप असर गाँव के सिवानों तक भी फैल चुका है। नतीजतन अपसंस्कृति और अजनबीपन ने नगरों की तरह ही गाँवों में भी रिश्तों की गरमाहट को कम किया है। दरअसल गाँवों-क़स्बों के इस बदलते जीवन और परिवेश के यथार्थ को ही मिथिलेश्वर की ये कहानियाँ पूरी संवेदनशीलता के साथ बुनती और अभिव्यक्त करती हैं।

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Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2000

Pulisher

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