Choonki Saval Kabhi Khatm Nahin Hote

-21%

Choonki Saval Kabhi Khatm Nahin Hote

Choonki Saval Kabhi Khatm Nahin Hote

195.00 155.00

In stock

195.00 155.00

Author: Uma Shankar Choudhary

Availability: 5 in stock

Pages: 116

Year: 2026

Binding: Paperback

ISBN: 9789373488844

Language: Hindi

Publisher: Bhartiya Jnanpith

Description

चूँकि सवाल कभी खत्म नहीं होते

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और समाज में हो रहे बदलाव का प्रतिफलन उमा शंकर चौधरी की कविताओं में साफ़-साफ़ प्रतिबिम्बित होता है। बिम्बों में कवि कभी बेचैन दिखता है तो कभी उसकी व्यंग्य की धार पैनी हो जाती है। इन कविताओं से गुज़रते हुए ऐसा लगता है जैसे राजनीतिक-सामाजिक स्तर पर जो रहस्य और भ्रम हमारे सामने फैला दिये गये हैं, कम से-कम हम उनसे रूबरू अवश्य हो रहे होते हैं।

उमा शंकर चौधरी की कविता भीड़ में खड़े आम आदमी के भीतर चल रही हलचल का बयान बनकर आती हैं। ‘छोटी बातों पर प्रधानमन्त्री’ बिल्कुल एक आम आदमी की छोटी-छोटी कामनाओं से बुनी कविता है। पाठक इसे आम आदमी का साधारण बयान या ख़्वाब समझने लगते हैं, कवि तटस्थता के साथ सामने खड़ा हो जाता है और कहता है—सच कुछ भी नहीं है, सच कहीं भी नहीं है, अब सिर्फ़ षड्यन्त्र है।

इन कविताओं में समाज, राजनीति, स्थूल-सूक्ष्म सभी अनुभवों का एक व्यापक कोलाज है। ‘बच्ची बच्ची नहीं एक स्त्री है’ यह पुरुष का एक माफ़ीनामा है। आत्मग्लानि से भरी यह कविता हमारे समाज में फैले घिनौनेपन की ओर संकेत करती है और हमारी आँखों के सामने उन सभी परिजनों का चेहरा एकबारगी कौंध जाता है जो अपनी छोटी सी बच्ची को एक सेक्स आब्जैक्ट के रूप में देखने को मजबूर हैं। उमा शंकर के यहाँ शिल्प के स्तर पर दो प्रयोग देखे जा सकते हैं। राजनीतिक कविताएँ लिखते हुए वे जितने बेचैन होते हैं, वहीं सामाजिक कविताओं में उनके अनुभव अपनी बेहद सूक्ष्म बुनावट में दिखाई देते हैं।

Additional information

Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Choonki Saval Kabhi Khatm Nahin Hote”

You've just added this product to the cart: