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Description
धर्मवीर भारती की साहित्य-साधना
हमारे युग के एक मूर्धन्य साहित्यकार धर्मवीर भारती के सृजन पर केन्द्रित यह पुस्तक उनके समग्र कृतित्व का गम्भीर लेखाजोखा प्रस्तुत करती है। दूसरे शब्दों में, यह धर्मवीर भारती के लेखन-कर्म को समझने और परखने की दिशा में एक ज़रूरी और बौद्धिक सहकार है।
इसमें वरिष्ठ और युवा हिन्दी लेखकों-आलोचकों द्वारा सम्पूर्ण भारती-साहित्य—कविता, नाटक, कहानी, उपन्यास, निबन्ध, आलोचना आदि के अर्थपूर्ण और विचारोत्तेजक विश्लेषण के साथ ही, भारती जी की अद्वितीय कला-दृष्टि और उसके संश्लिष्ट प्रभावों की सम्प्रेषणीयता का भी सूक्ष्म विवेचन है। यह कहना ग़लत नहीं होगा कि ‘धर्मवीर भारती की साहित्य-साधना’ पूर्वाग्रहों और उलझावों से बचते हुए भारती के यशस्वी कृतित्व और उनके पाठकों के बीच सार्थक संवाद-सेतु बनाने की सही समय पर एक महत्त्वपूर्ण कोशिश है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2006 |
| Pulisher |











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