Dharamvir Bharti Ke Patra : Pushpa Bharti Ke Naam

-20%

Dharamvir Bharti Ke Patra : Pushpa Bharti Ke Naam

Dharamvir Bharti Ke Patra : Pushpa Bharti Ke Naam

100.00 80.00

In stock

100.00 80.00

Author: Pushpa Bharti

Availability: 5 in stock

Pages: 88

Year: 2011

Binding: Hardbound

ISBN: 9788126316694

Language: Hindi

Publisher: Bhartiya Jnanpith

Description

धर्मवीर भारती के पत्र : पुष्पा भारती के नाम

‘धर्मवीर भारती के पत्र पुष्पा भारती के नाम’ एक ऐसे कालजयी रचनाकार के अन्तरंग का आलोक है जिसने भारतीय साहित्य को अभिनव आकाश प्रदान किये हैं। धर्मवीर भारती के ये पत्र भावना की शिखरमुखी ऊर्जा से आप्लावित हैं। अपने साहित्य में प्रेम की अद्भुत व्याख्या के लिए भारती सुपरिचित हैं। इन पत्रों में प्रेम की अनेकायामिता अभिव्यक्ति का पवित्र प्रतिमान निर्मित करती है। यही कारण है कि ये पत्र दैनन्दिन जीवन का व्यक्तिगत लेखा-जोखा मात्र नहीं हैं। ‘सम्बोधित’ के प्रति समग्र-समर्पण और उसके हितचिन्तक की प्रेमिल पराकाष्ठा इनकी विशेषता है। पुष्पा भारती को धर्मवीर भारती न जाने कितने विशेषणों में पुकारते हैं। ‘मेरी सब कुछ, मेरी एकमात्र अन्तरंग मित्र, मेरी कला, मेरी उपलब्धि, मेरे जीवन का नशा, मेरी दृष्टि की गहराई’ के लिए ये पत्र लिखे गये हैं। इस प्रक्रिया में जीवन, साहित्य, दर्शन व मनोविज्ञान आदि के अनेकानेक पक्ष इस प्रकार उद्घाटित होते हैं कि पाठक का मन अलौकिक ज्ञानानन्द से भर जाता है। विलक्षण रचनाकार धर्मवीर भारती के इन पत्रों को जिस प्रीति-प्रतीति के साथ पुष्पा भारती ने सँजोया है वह भी उल्लेखनीय है। यह भी कहना उचित है कि भारती-साहित्य को समझने में इन पत्रों से एक नया झरोखा खुल सकेगा।

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2011

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Dharamvir Bharti Ke Patra : Pushpa Bharti Ke Naam”

You've just added this product to the cart: