Dus Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash

-23%

Dus Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash

Dus Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash

200.00 155.00

In stock

200.00 155.00

Author: Swayam Prakash

Availability: 5 in stock

Pages: 140

Year: 2013

Binding: Hardbound

ISBN: 8170166209

Language: Hindi

Publisher: Kitabghar Prakashan

Description

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : स्वयं प्रकाश

भारतीय श्रमिक तथा वंचित वर्ग के कथा-नायकों को जो सत्कार तथा पक्षधरता स्वयं प्रकाश की कहानियों में मिली है, वैसे उजले उदाहरण समकालीन हिंदी कहानी समें गिने-चुने ही है। इन वंचित वर्गों के स्वपनों को दुःस्वप्नों में बदलने वाली कुव्यवस्था को यह कथाकार केवल चिन्हीत ही नहीं करता, बल्कि इसके मूल में बसे कुकारणों को पारदर्शी बनाकर दिखाता है तथा उस जाग्रति को भी रेखांकित करता है जो कि अंततः लोक-चेतना का अनिवार्य तत्त्व है और खास बात यह है कि इस सबके उदघाटन-प्रकाशन में यहाँ लेखक जीवन के हर स्पंदन और उसके आयामों पर कहानी लिखने को उद्यत दिखाई पाता है। अर्थात् सम्यक् लोकचेतना की ‘साक्षरता’ इन कहानियों में वर्णित जीवन में यथोचित पिरोई गई है।

कहानी की कला की गुणग्राहकता से लबरेज ये कहानियाँ विचारधारा के प्रचार और संदेश के ‘उपलक्ष्य’ को मिटाकर व्यवहार के धरातल तक पाठक को सहज ही ले जाती है। पात्रों की आपबीती को जगबीती बनाने का संकल्प यहाँ प्रामाणिक रूप में उपस्थित हुआ है।

स्वयं प्रकाश द्वारा स्वयं चुनी गई ‘दस प्रतिनिधि कहानियाँ’ हैं-‘नीलकांत का सफर’, ‘ससूरज कब निकलेगा’, ‘पार्टीशन’, ‘क्या तुमने कभी कोई सरदार भिखारी देखा ?’, ‘नैनसी का धूड़ा’, ‘बलि’, ‘संहारकर्ता’, ‘अगले जनम’, ‘गौरी का गुस्सा’ तथा ‘संधान’।

हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक स्वयं प्रकाश की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें।

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2013

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Dus Pratinidhi Kahaniyan : Swayam Prakash”

You've just added this product to the cart:

error: Content is protected !!