

Ek Yatra Satha Ke Neeche

Ek Yatra Satha Ke Neeche
₹275.00 ₹209.00
₹275.00 ₹209.00
Author: Shivprasad Singh
Pages: 306
Year: 2005
Binding: Hardbound
ISBN: 9788181432851
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
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Description
एक यात्रा सतह के नीचे
मेरी अब तक की प्रकाशित सम्पूर्ण कहानियाँ तीन खण्डों में प्रकाशित हो रही हैं, पहला खण्ड ‘अन्धकूप’, दूसरा ‘एक यात्रा सतह के नीचे’ और तीसरा ‘अमृता’। वस्तुतः मेरी अधिकांश कहानियाँ ग्राम जीवन की तमाम विरूपता, गरीबी और जहालत को समेटे हुए हैं। ऐसा नहीं कि आज का ग्राम जीवन सिर्फ अन्धकूप की ही संज्ञा पा सकता है, उसमें अब भी वैसा बहुत कुछ है जो जीवन में आलोक बिन्दु का कार्य कर सकता है। मेरी कहानियों पर अब तक बहुत कुछ लिखा गया है; पर प्रायः आंचलिक कहकर पिण्ड छुड़ाने की कोशिश की जाती रही है। प्रेमचन्द के बाद इतने विस्तृत और यथार्थ फलक पर पहली बार ग्राम जीवन को देखने की चुनौती स्वीकार करने के इस प्रयत्न को उसके सही परिप्रेक्ष्य में वही देख सकता है जो आज के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक अन्तर्विरोधों को देखने की सही दृष्टि रखता है।
मेरे पाँच दशक के इस साहित्यिक प्रयास को किसी वाद का चश्मा लगाकर देखना समीक्षा के साथ बेईमानी होगी। इनमें से कोई भी कहानी ऐसी नहीं है जो ग्राम जीवन की बृहत्तर कशमकश और जूझते हुए किसान-मजदूरों के तेवर से जुड़ी हुई न हो। मैं इन संकलनों के प्रकाशन के अवसर पर अपने सभी पाठकों के स्नेह सौजन्य को याद करता हूँ जो इस दुहरी लड़ाई में लेखक के साथ सहानुभूति और सक्रिय साझेदारी का बोध जगाये रहे। वस्तुतः उनकी ही माँग का परिणाम है कि अब तक बिखरी हुई सारी कहानियाँ जो पुनर्मुद्रित न हो पाने के कारण पाठकों, शोध-कर्ताओं और समीक्षकों के लिए अप्राप्य बनी रहीं, वे अब एक साथ तीन खण्डों में आपके सामने आ रही हैं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2005 |
| Pulisher |









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