Hindi Natak ka Atmsangharsh

-9%

Hindi Natak ka Atmsangharsh

Hindi Natak ka Atmsangharsh

225.00 205.00

In stock

225.00 205.00

Author: Girish Rastogi

Availability: 5 in stock

Pages: 280

Year: 2023

Binding: Text

ISBN: 9789386863362

Language: Hindi

Publisher: Lokbharti Prakashan

Description

हिन्दी नाटक का आत्मसंघर्ष

यह पुस्तक हमें विचारोत्तेजना; रचनात्मक आस्वाद, इतिहास और समीक्षा की समग्रता से उत्सुक करती है। लेखिका गिरीश रस्तोगी ने कुछ नाटक चुने हैं। ये सभी महत्त्वपूर्ण नाटक हैं जिनसे न केवल हिन्दी नाट्य साहित्य में नये प्रतिमान बने बल्कि रंगमंच की उर्वरता, सक्रियता, त्वरा और आन्दोलनकारी प्रवृत्ति का भी इतिहास बना। इन नाटकों पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है लेकिन जब ये सब एक साथ एक जगह समग्र विचार-दृष्टि के साथ होते हैं तो उनकी दूरगामी अर्थ व्यंजनाएँ अधिक सार्थक होती हैं। कुछ नाटकों से ताज़गी आयी, कुछ से विवाद उठे, कुछ अनाम पड़े रह गये, कुछ देश-व्यापी रंगमंच और समीक्षा से नहीं जुड़ पाये – ऐसे अनेक प्रश्नों, अन्तर्विरोधों, साहित्य, रंगमंच, समीक्षा के उन मोड़ों-बिन्दुओं— क्रान्तिकारी परिवर्तनों से समूची दृष्टि सम्पन्नता के साथ यह पुस्तक पहचान कराती है।

Additional information

Authors

Binding

Text

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2023

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Hindi Natak ka Atmsangharsh”

You've just added this product to the cart: