Kakulam

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Author: Bharat Prasad

Availability: 5 in stock

Pages: 208

Year: 2024

Binding: Paperback

ISBN: 9789393232434

Language: Hindi

Publisher: Samayik Prakashan

Description

काकुलम

सुपरिचित कवि–कथाकार–आलोचक भरत प्रसाद के रचनाकार का नया रूप लेकर उपस्थित हुआ है उपन्यास ‘काकुलम’। इस उपन्यास में वर्तमान दौर में विश्वविद्यालय के परिवेश, वातावरण और संघर्ष के मध्य युवा–मन को बहुत आत्मीयता से देखने–परखने–समझने का सार्थक प्रयास हुआ है। प्रकृति की ओर से यहां प्रभाती पक्षी की उड़ान के साथ प्रश्न उभरता है: ‘कौन हो तुम ?’ प्रश्नप्रधान सभ्यता के इस देश में अस्वीकृति, प्रतिरोध और प्रश्नांकन को पीछे धकेल इस महादेश के मनुष्य को उसकी मूल पहचान से ही अलग किये जाने के प्रयास जारी हैं, ऐसे में इस उपन्यास का महत्व और बढ़ जाता है। कथा बताती है कि धवल और अनेक छात्र नेता पक्षी के प्रश्न का उत्तर दे पाने की स्थिति में नहीं हैं। अपने समय का यह गम्भीर वैचारिक द्वंद्व इस उपन्यास की कथा का आधार तत्व है। यहां छात्र तो हैं हीं, विचारधाराओं की विविध रंगतें भी हैं और छात्र आंदोलनों के मध्य छात्र–समुदाय की वस्तुथिति भी अपने पूरे कलेवर के साथ उपस्थित है। पुरातन किन्तु स्थायी महत्व के विचारकों पर नये समय द्वारा लगाए गए आक्षेप और सवालिया निशान हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय की भूमि शिक्षा की कम और राजनीति की अधिक हुई जा रही है। एक जेनुइन छात्र का संकट और अधिक गहरा गया है। इस कठोर यथार्थ के बावजूद युवा मन के प्रेमिल स्पर्श की कोमलता लिए इस उपन्यास की कथा ग्रामीण व शहरी वितान के मध्य परिवर्तित होती नई संस्कृति को परखती चलती है। यहां आलोचना की सजगता तो है ही और कर्तव्यनिष्ठा की ईमानदारी भी। एक पठनीय और स्वागतयोग्य उपन्यास है ‘काकुलम’।

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Paperback

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Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2024

Pulisher

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