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Description
प्रस्तुत कृति ‘काव्यशास्त्र के मानदण्ड’ एक लघु प्रयास है जिसमें भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र की प्राचीन एवं अर्वाचीन दृष्टियाँ सरल, सुगम एवं सारगर्भित रूप में प्रस्तुत करने की चेष्टा की गयी है। इसमें नयापन क्या है ? पेड़-पौधे तो वही होते हैं, वसन्त आने पर नये दिखाई देते हैं। नयापन तो नये मौसम का होता है। चिन्तन की दष्टि पराने सिद्धान्तों को नया रूप देने की सम्भावनाएँ जगाती है। महान् चिन्तकों से मिली धरोहर को ग्राह्य रूप में पाठकों तक सम्प्रेषित कर सकूँ, इसी में विद्वज्जनों का आशीर्वाद समदूंगा।
– डॉ. रामनिवास गुप्त
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher |











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