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Mahakaushal Anchal Ki Lokkathyen
₹999.00 ₹749.00



₹999.00 ₹749.00
₹999.00 ₹749.00
Author: Veriar Elwin
Pages: 391
Year: 2018
Binding: Hardbound
ISBN: 9788126715770
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
महाकोशल अंचल की लोककथाएँ
इस पुस्तक में संकलित महाकोशल अंचल की लोककथाओं को मध्यप्रदेश के मंडला, सिवनी, बालाघाट, बिलासपुर एवं रायपुर जिलों और रीवा, कवर्धा, सारंगढ़ और बस्तर से एकत्र किया गया है। इन कहानियों को स्थानीय जनजातियों के लोगों से सुनकर और बातचीत कर यहाँ लिपिबद्ध किया गया है। मध्यवर्ती भारत में प्रचलित कहानियों के अनेक रूप हैं। इनमें से कुछ को हम गद्य कह सकते हैं। सीधे–सीधे विवरण जिन्हें संकेतों और भंगिमाओं के माध्यम से सुनाया गया, फिर भी उनमें कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया। कुछ कहानियों में संवादों के अंशों को गाकर बताया गया था। सूक्तियाँ या पद्य लयबद्व सरल धुनों में गाई गई थीं। किसी-किसी कहानी में सभी संवाद संगीत में नहीं थे। कुछ विशेष पद्य और भाव ही संगीत में थे। यह जानना दिलचस्प होगा कि कहानी का गाया हुआ अंश कहानी के साथ जुड़ा ही रहा जिससे इन कहानियों की आत्मीयता बनी रही।
प्रस्तुत पुस्तक आदिवासियों की कहानियों के जरिए हमें उनके नजदीक ले जाती है। आदिवासियों के विभिन्न संस्कारों के साथ-साथ उनकी मासूमियत और भोलापन भी हमें इन कहानियों में देखने को मिलता है। इसके अलावा इस पुस्तक को आनन्द के उद्देश्य से पढ़ा जाये तो यह और मनोरंजक तथा सरस लगेगी।
| Authors | |
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| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2018 |
| Pulisher | |
| Language | Hindi |
वेरियर एलविन
सन् 1902; डोवर, इंग्लैड में जन्म।
वेरियर एलविन जब ऑक्सफोर्ड में छात्र थे, तब उन्होंने भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि दिखाई थी। वह एक धर्मनिष्ठ ईसाई थे और उन्होंने एक मिशनरी के रूप में औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। वे 1927 में एक मिशनरी के रूप में भारत आए थे तथा पुणे में क्रिश्चियन सर्विस सोसाइटी में शामिल हुए।
एलविन इंग्लैंड से भारत मुख्यतः मिशनरी कार्य के लिए आए थे मगर अपने अन्तर्द्वन्द्वों, गांधी जी के विचार और सान्निध्य, जनजातियों की स्थिति, मिशनरियों के कार्यों के तरीकों को देखकर उनके विचार बदल गए।

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