Nar Naari

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Nar Naari

Nar Naari

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Author: Krishna Baldev Vaid

Availability: 5 in stock

Pages: 223

Year: 2012

Binding: Paperback

ISBN: 9788126723355

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

नर नारी

यह उपन्यास कृष्ण बलदेव वैद के सबसे चर्चित और बहस तलब रचनाओं में से एक है। उन्होंने हिन्दी की मुख्यधारा से अकसर दूर ही रहते हुए भाषा को ऐसी कृतियाँ दी हैं जो शिल्प के हमारे साथ सोचने के तरीक़ों को भी विचलित करती रही हैं।

‘नर नारी’ उपन्यास स्त्री की समूची सामाजिकपारिवारिक और दैहिक इयत्ता को केन्द्र में रखता हैऔर उनसे जुड़े प्रश्नों पर एक संकुल भावभूमि के परिप्रेक्ष्य में विचार करता है। पितृसत्तात्मक सामाजिक तंत्र में सम्पत्ति के उत्तराधिकारविवाह-संस्था की वैधतायौन- शुचिता और इससे जुड़े कई विधिनिषेधों पर अत्यन्त ज़ोर दिया जाता है। पति-पत्नीबहन-भाईमाँ-बेटे आदि सभी सम्बन्ध अन्तत: इन्हीं सब के सन्दर्भ में परिभाषित होते दिखते हैं।

इनके बीच ही मौजूद है स्त्री-पुरुष का आदिम रिश्ता जो एक दूसरी की उपस्थिति को एक प्राकृतिक और समान भूमि पर परिभाषित करता है। बाँझ माँजीरसीलासीमा और मीनू आदि इस उपन्यास के ऐसे स्त्री पात्र हैं जिनका जीवन और दृष्टिकोण इन तमाम प्रश्नों पर अलग-अलग ढंग से प्रकाश डालता है।

संवादों के बीच से ही दृश्यों को साकार करते हुए उपन्यास को पढ़ना जैसे अपने ही मन की भीतरी तहों की यात्रा करने जैसा है। लेखक कहीं पर न पात्रों का बाहरी विवरण देता हैन परिस्थितियों काफिर भी सब जैसे पाठक की आँखों के सामने साकार होता चलता है। एक पठनीय और विचारणीय उपन्यास।

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Authors

Binding

Paperback

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Publishing Year

2012

Pulisher

Language

Hindi

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